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ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो

UP इंटरनेशनल ट्रेड शो में 3,765 एमओयू, ₹5,500 करोड़ का कारोबार; ₹12,500 करोड़ की पूछताछ

ग्रेटर नोएडा के चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो ने बनाए नए रिकॉर्ड। चार दिनों में ₹5,500 करोड़ के एमओयू और ₹12,500 करोड़ की पूछताछ से ग्लोबल मंच पर चमका यूपी।

up इंटरनेशनल ट्रेड शो में 3765 एमओयू ₹5500 करोड़ का कारोबार ₹12500 करोड़ की पूछताछ

UP International Trade Show 2026 |

ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश-दुनिया के लिए भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में आयोजित चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) ने चार दिनों में ही नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित इस पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में 28 सितंबर तक संचयी रूप से ₹5,500 करोड़ यानी करीब 574 मिलियन अमेरिकी डॉलर के 3,765 व्यापारिक समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इसके अलावा देश-विदेश के खरीदारों और कंपनियों की ओर से ₹12,500 करोड़ की कारोबारी पूछताछ दर्ज की गई है। मंगलवार को ट्रेड शो का अंतिम दिन है, जिससे इन आंकड़ों में और वृद्धि की संभावना है।

35 हजार से अधिक बी2बी बैठकें हुईं

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (एफआईईओ) के अपर महानिदेशक सुविध शाह के अनुसार, 28 सितंबर तक कुल 35,387 बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें संपन्न हुई हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए आयोजित रिवर्स बायर्स सेलर्स मीट (आरबीएसएम) में 11,887 बैठकें, जबकि मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में घरेलू व अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच 23,500 बी2बी बैठकें हुईं। इन बैठकों ने प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं और निर्यातकों को सीधे वैश्विक खरीदारों से जोड़ने का काम किया है।

योगी सरकार की नीतियों का वैश्विक बाजार में दिख रहा असर

यूपीआईटीएस-4.0 महज उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेश अनुकूल वातावरण और उद्यमिता की क्षमता को वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रभावी मंच बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकसित किए जा रहे औद्योगिक एवं कारोबारी इकोसिस्टम का लाभ एमएसएमई, ओडीओपी, हथकरघा, हस्तशिल्प, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा आधुनिक विनिर्माण क्षेत्र के उद्यमियों को मिल रहा है। चार दिनों में हुए 3,765 एमओयू और ₹12,500 करोड़ की कारोबारी पूछताछ से स्पष्ट है कि यूपीआईटीएस ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक सेतु का काम किया है। यहां छोटे उद्यमियों से लेकर बड़े निर्माताओं तक को घरेलू और विदेशी खरीदारों के साथ सीधे संवाद, उत्पाद प्रदर्शन और व्यापारिक समझौतों का अवसर मिल रहा है।

‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में यूपी की नई पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के तहत यूपीआईटीएस के माध्यम से प्रदेश के पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) जैसे कार्यक्रमों ने स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों के उत्पादों को वैश्विक खरीदारों के सामने पहुंचाने का अवसर दिया है। यूपीआईटीएस-4.0 के माध्यम से उत्तर प्रदेश की एमएसएमई शक्ति, ओडीओपी उत्पाद, हथकरघा, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षमता एक ही मंच पर वैश्विक बाजार से जुड़ रही है। इससे न केवल व्यापार के नए अवसर बन रहे हैं, बल्कि प्रदेश के स्थानीय उत्पादों के लिए निर्यात की संभावनाएं भी विस्तार पा रही हैं।

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