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यूपी जापान हेल्थकेयर साझेदारी पर जोर

यूपी जापान हेल्थकेयर साझेदारी पर जोर, तकनीक और युवा शक्ति से नए अवसरों पर मंथन

लखनऊ में यूपी जापान हेल्थकेयर सेशन में स्वास्थ्य, मेडिकल शिक्षा, रोबोटिक्स, फार्मा और कौशल विकास में सहयोग पर चर्चा हुई। तकनीक और युवा शक्ति के संगम पर जोर दिया गया।

यूपी जापान हेल्थकेयर साझेदारी पर जोर तकनीक और युवा शक्ति से नए अवसरों पर मंथन

UP Japan Healthcare Partnership Focuses on Technology and Skilled Workforce (File photo) |

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी-जापान हेल्थकेयर एंड केयर इकॉनामी पार्टनरशिप के सेक्टोरल सेशन में उत्तर प्रदेश और जापान के बीच हेल्थकेयर क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में हेल्थकेयर, मेडिकल एजुकेशन, रोबोटिक्स, फार्मा और कुशल मानव संसाधन से जुड़े विषयों पर मंथन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति और जापान की अत्याधुनिक तकनीक का संगम दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। इस दौरान निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और रोजगार से जुड़े संभावित सहयोग पर भी विचार किया गया।

ब्रजेश पाठक ने यूपी की क्षमताएं गिनाईं

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। बेहतर कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास ने प्रदेश को निवेश के लिए अनुकूल बनाया है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि जापान तकनीक, गुणवत्ता और कार्यकुशलता के लिए जाना जाता है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पास बड़ी युवा आबादी और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध है।"

मेडिकल कॉलेजों की संख्या 83 से अधिक हुई

ब्रजेश पाठक ने कहा, "प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 47 से बढ़कर 83 से अधिक हो गई है। मेडिकल कॉलेजों के साथ नर्सिंग कॉलेज भी विकसित किए जा रहे हैं और एमबीबीएस, एमडी, नर्सिंग तथा पैरामेडिकल सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जापान में प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए उत्तर प्रदेश डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल तकनीशियन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जापानी कंपनियों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को जापानी भाषा और कार्य संस्कृति का प्रशिक्षण भी दिया जा सकता है।"

हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश की संभावनाएं

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष ने कहा, "हेल्थकेयर सेक्टर में जापान के साथ सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश में व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि हाल में आयोजित निवेश कार्यक्रम में नई पीढ़ी के स्टार्टअप उद्यमियों ने भी हिस्सा लिया। फार्मा क्षेत्र में एक ही दिन 12 कंपनियों के साथ एमओयू किए गए। जापानी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश करने की इच्छुक हैं और प्रदेश जापानी तकनीक को यहां लाने के लिए प्रयासरत है।"

रोबोटिक्स और मेडिकल टेक पार्क पर फोकस

अमित घोष ने बताया, "जापान के सहयोग से प्रदेश में रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी की नई संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही करीब 400 एकड़ में मेडिकल टेक पार्क विकसित करने की योजना है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों के निर्माण में जापानी निवेशकों और कंपनियों की भागीदारी की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। जापान की कार्य संस्कृति और तकनीकी दक्षता के साथ उत्तर प्रदेश का विकसित होता हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिलकर एक मजबूत मॉडल तैयार कर सकता है।"

कपिल देव अग्रवाल ने युवा शक्ति पर दिया जोर

व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जापान यात्रा के बाद जापानी प्रतिनिधिमंडल का उत्तर प्रदेश आना दोनों देशों के बढ़ते विश्वास और मजबूत होते संबंधों का परिणाम है। जापान की तकनीक और उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति का संगम विकास की नई संभावनाएं पैदा करेगा। उन्होंने जापानी प्रतिनिधियों को सरकार की ओर से सहयोग का भरोसा दिलाया।"

युवाओं को विदेशी भाषा का प्रशिक्षण

कपिल देव अग्रवाल ने कहा, "प्रदेश में निवेशकों के लिए वन-विंडो सिस्टम के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। युवाओं को स्किल्ड बनाने के साथ विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे उन्हें देश-विदेश में रोजगार के अवसर मिल सकें।  उत्तर प्रदेश सरकार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के साथ जापानी तकनीक को प्रदेश में लाने के लिए भी पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने जापानी प्रतिनिधियों के साथ कौशल विकास और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

हर हाथ को काम देने पर सरकार का जोर

श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा, "उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के अभियान में निवेश के साथ रोजगार सृजन भी सरकार की प्राथमिकता है। आज देश और विदेश में स्किल्ड, सेमी स्किल्ड और नॉन स्किल्ड मैनपावर की आवश्यकता है और उत्तर प्रदेश इस जरूरत को पूरा करने के लिए सक्षम है। ‘हर हाथ को काम’ सरकार का संकल्प है और इसे देश के साथ विदेशों में रोजगार के अवसरों से जोड़कर पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश में सड़क, जल और वायु कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया।" कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी हेल्थकेयर एवं केयर इकॉनामी में सहयोग की संभावनाओं पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश का मानव संसाधन और जापान की तकनीक दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों का आधार बन सकते हैं।

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