उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख एक बार फिर बढ़ गई है। पंचायत चुनाव की अंतिम सूची अब 10 जून को प्रकाशित की जाएगी।
लखनऊ (यूपी)। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख एक बार फिर बढ़ गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार पंचायत चुनाव की अंतिम सूची अब 10 जून को प्रकाशित की जाएगी। यह ये पांचवां मौका है जब मतदाता सूची प्रकाशन की तारीख बढ़ाई गई है।
26 मई को समाप्त हो रहा है ग्राम पंचायतों का कार्यकाल
मालूम हो कि यूपी में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई, क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 19 जुलाई और जिला पंचायतों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है। लेकिन नये पंचायत चुनाव की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। इसे देखते हुए समय से चुनाव संभव नहीं है। अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तिथि बढ़ने के साथ ही जुलाई तक पंचायत चुनाव करा लिए जाने पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के दावों पर ग्रहण लग गया है। ऐसे में प्रशासकों को पंचायतों की जिम्मेदारी दिया जाना तय माना जा रहा है।
संशोधित कार्यक्रम के तहत होगा काम
राज्य निर्वाचन आयोग ने जानकारी दी है कि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 21 अप्रैल से 28 मई तक मतदाता सूचियों का कंप्यूटरीकरण और डुप्लीकेशन से जुड़ा काम किया जाएगा। 29 मई से 9 जून तक मतदेय स्थलों की मैपिंग, वार्डों का क्रमांकन और फोटो प्रतियां तैयार करने का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद 10 जून को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
पहले भी कई बार टल चुकी है तारीख
मालूम हो कि सबसे पहले सूची का प्रकाशन 15 जनवरी को होना था। उसके बाद तारीखें बढ़ती गईं। 15 जनवरी के बाद इसकी तारीख 6 फरवरी, फिर 28 मार्च, फिर 15 अप्रैल और आखिर में 22 अप्रैल तय की गई थी। तमाम कार्य अभी बाकी हैं, इसलिए पांचवीं बार प्रकाशन की तारीख आगे बढ़ा दी गई है।
अंतिम सूची में बढ़े थे लाखों नए मतदाता
राज्य निर्वाचन आयोग ने 23 दिसंबर 2025 को मतदाता पुनरीक्षण की अंतिम सूची जारी की थी। अनंतिम सूची में 12.69 करोड़ मतदाता दर्ज थे, जो पिछले चुनाव के मुकाबले 40.19 लाख अधिक हैं। आयोग ने इस पर दावे और आपत्तियां मांगे थे। प्रदेश भर से लाखों आपत्तियां मिलीं। दावे और आपत्तियों पर आयोग ने सुनवाई पूरी की। अब अन्य कार्य चल रहा है। अब जब अंतिम सूची जारी होगी तब मतदाताओं की वास्तविक बढ़ोतरी की संख्या व कुल मतदाताओं का पता चलेगा।
चुनाव में देरी से प्रशासक बैठने के संकेत
मतदाता सूची का प्रकाशन संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 10 जून को होने की स्थिति में पंचायत चुनाव का विलंब से होना तय है। पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने पर सरकार के स्तर पर कोई चर्चा नहीं हो रही है, जिसे देखते हुए यह माना जा रहा है कि पंचायतों में सरकार प्रशासक बिठाएगी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने की तिथियों को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर सुनवाई चल रही है। जिसमें उच्च न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग से विस्तृत जवाब मांगा है। माना जा रहा है कि सरकार कोर्ट में ही चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट करेगी।
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