प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News
  • औरैया: सुबह से छाई कोहरे जैसी धुंध, वाहन चालकों को वाहन चलाने के दौरान जलानी पड़ रही हैड लाईट
  • मेरठ: NAMS अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूद युवक, घायल युवक को अस्पताल के ICU में कराया भर्ती, नीचे गिरने के कारण मरीज के पैरों में आई चोट
  • आगरा: पुलिस चौकी के पीछे एक ही समुदाय के दो पक्षों में हुआ पथराव, मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को किया नियंत्रित, क्षेत्र में बढ़ाई गई सतर्कता
  • प्रयागराज: मौलाना तौकीर रजा की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में आज होगी सुनवाई, बरेली हिंसा मामले में मास्टरमाइंड माना गया है तौकीर रजा
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में UP कैबिनेट की बैठक आज, 27 अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर, बैठक में निवेश के क्षेत्र में लिए जा सकते हैं बड़े फैसले
  • लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को पेश करने की सभापति ने दी अनुमति, आर्टिकल 94 के तहत अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा, चर्चा के लिए 10 घंटे की समय सीमा
  • लोकसभा में विपक्ष ने वोट चोरी पर जमकर की नारेबाजी, विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित
  • दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ रही गर्मी, मौसम विभाग के अनुसार आज राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 19°C रहेगा
  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, TMC विपक्ष को लामबंद करने में जुटी, TMC ने किया कांग्रेस की सहमति का दावा

डोर स्टेप डिलीवरी से जन वितरण प्रणाली में खत्म हुई

जीपीएस युक्त वाहनों के प्रयोग से यूपी में खाद्यान्न उठान की लीकेज रूकी

उत्तर प्रदेश में जनवितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न को चोरी, लीकेज और गड़बड़ी से मुक्त करने की दिशा में जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम एक गेम चेंजर बनकर उभरा है।

जीपीएस युक्त वाहनों के प्रयोग से यूपी में खाद्यान्न उठान की लीकेज रूकी

जीपीएस युक्त वाहनों के प्रयोग से यूपी में खाद्यान्न उठान की लीकेज रूकी

डोर स्टेप डिलीवरी से जन वितरण प्रणाली में खत्म हुई कालाबाजारी

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में जनवितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न को चोरी, लीकेज और गड़बड़ी से मुक्त करने की दिशा में जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम एक गेम चेंजर बनकर उभरा है। 5 हजार से अधिक वाहनों के माध्यम से अनाज डिपो से उचित दर विक्रेताओं की दुकानों तक खाद्यान्न की आवाजाही अब पूरी तरह डिजिटल निगरानी में है। सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था और जीपीएस ट्रैकिंग की वजह से खाद्यान्न की एक-एक बोरी पर नजर रखी जा रही है, जिससे चोरी और कालाबाजारी पर रोक लगी है। 

डिजिटल निगरानी से खत्म हुई कालाबाजारी

प्रदेश में खाद्यान्न के उठान कार्यों में लगे 5000 से अधिक वाहनों में जीपीएस डिवाइस इंस्टाल की जा चुकी है। इससे भारतीय खाद्य निगम के डिपो से उचित दर दुकानों तक होने वाला पूरा परिवहन रियल टाइम ट्रैक किया जा रहा है। वाहन कहां से चला, कहां रुका और तय समय में गंतव्य तक पहुंचा या नहीं, हर जानकारी कंट्रोल सिस्टम में दर्ज हो रही है। इसका सीधा असर यह हुआ है कि रास्ते में खाद्यान्न की हेराफेरी, डायवर्जन और कालाबाजारी लगभग समाप्त हो गई है।

धान और मोटे अनाज की खरीद में भी सख्त निगरानी

खरीफ विपणन सत्र 2025-26 में धान खरीद के दौरान भी जीपीएस ट्रैकिंग व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। प्रदेश के सभी जनपदों में क्रय केन्द्रों से राइस मिलों तक धान परिवहन में प्रयुक्त 3773 वाहनों में जीपीएस डिवाइस इंस्टाल की गई है। इसके अलावा मोटे अनाज मक्का, ज्वार और बाजरा के परिवहन के लिए 1428 वाहनों को भी जीपीएस से जोड़ा गया है। इससे सरकारी खरीद से लेकर भंडारण डिपो तक की पूरी सप्लाई चेन पारदर्शी हो गई है।

सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी से सिस्टम हुआ मजबूत

प्रदेश में ब्लॉक गोदामों की व्यवस्था समाप्त कर सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी मॉडल लागू किया गया है। इसके तहत भारतीय खाद्य निगम के डिपो से सीधे उचित दर विक्रेताओं की दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है। यह पूरा कार्य ई-टेंडर के माध्यम से नियुक्त ठेकेदारों से कराया जा रहा है जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और जवाबदेही तय हुई है। जीपीएस ट्रैकिंग के साथ यह मॉडल जनवितरण प्रणाली में पारदर्शिता की रीढ़ बन गया है।

निर्बाध और सुरक्षित वितरण प्रणाली का निर्माण

प्रदेश में चयनित लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक कुल 8.03 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न और मोटे अनाजों का आवंटन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अंत्योदय लाभार्थियों हेतु 36850.35 मीट्रिक टन चीनी का आवंटन किया जा चुका है। जीपीएस ट्रैकिंग व्यवस्था के कारण यह सुनिश्चित हो रहा है कि यह खाद्यान्न बिना चोरी, बिना कटौती और सही समय पर लाभार्थियों तक पहुंचे। योगी आदित्यनाथ सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी खाद्यान्न अब रास्ते में गायब नहीं होगा। तकनीक के सहारे निगरानी, जवाबदेही और पारदर्शिता ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और स्मार्ट सिस्टम से खाद्यान्न चोरी जैसे पुराने संकट को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है।

इसे भी पढ़ेंः

लखनऊ रायबरेली, फतेहपुर के एआरटीओ सस्पेंड

https://www.primenewsnetwork.in/state/up-three-rto-suspended-overloading-issue/103338

Related to this topic: