यूपी में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का बड़ा अभियान जारी है। 6,066 वाहन अनफिट मिले, 1,072 के चालान हुए, जबकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में NDRF का राहत-बचाव अभियान तेज है।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करने और बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत-बचाव कार्यों को तेज करने के लिए योगी सरकार ने प्रशासनिक कसावट बढ़ा दी है। परिवहन विभाग की ओर से 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत लगातार वाहनों की फिटनेस और चालकों के चरित्र सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जलभराव व बाढ़ से प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की टीमें भी पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई हैं।
मुख्य बातें एक नजर में:
- कुल पंजीकृत स्कूल: 19,680
- कुल संचालित स्कूली वाहन: 82,259 (74,337 स्कूल के नाम, 8,022 अनुबंध पर)
- अनफिट पाए गए वाहन: 6,066 (नोटिस जारी)
- चालान और सीज: 1,072 वाहनों के चालान, 356 वाहन सीज
- ड्राइवर वेरिफिकेशन: 27,066 चालकों का चरित्र सत्यापन पूरा
स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग का शिकंजा
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में कुल 19,680 स्कूल पंजीकृत हैं। इनमें 74,337 वाहन सीधे स्कूलों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं, जबकि 8,022 वाहनों को अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर लिया गया है। इस तरह प्रदेशभर में कुल 82,259 स्कूली वाहन संचालित हो रहे हैं। इन सभी वाहनों की तकनीकी फिटनेस की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौड़ के अनुसार, 'मिशन सेफ फ्यूचर' और अन्य अभियानों के तहत स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन मुहैया कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
भारी संख्या में वाहन मिले अनफिट, कड़े जुर्माने की कार्रवाई
सघन चेकिंग अभियानों के दौरान बड़ी संख्या में वाहन मानकों पर खरे नहीं उतरे। परिवहन विभाग की जांच में कुल 6,066 स्कूली वाहन अनफिट पाए गए, जिन्हें विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,072 वाहनों के चालान काटे गए। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर 356 वाहनों को सीज (इम्पाउंड) कर दिया गया।
अब तक कुल 27,066 स्कूली वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन पूरा किया जा चुका है। प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बिना बैकग्राउंड और पुलिस वेरिफिकेशन के किसी भी चालक को बच्चों की ढुलाई की जिम्मेदारी न सौंपें।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज
सड़क सुरक्षा के साथ-साथ राज्य सरकार का पूरा फोकस इस समय बाढ़ और जलभराव से प्रभावित जिलों पर भी है। खासकर लखीमपुर खीरी और अयोध्या जैसे इलाकों में राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। नदियों, तालाबों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
प्रयागराज के नैनी इलाके में डूबने की एक घटना के बाद एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन ने डीप डाइवर्स की मदद से व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। 18 अगस्त को दोपहर 2:10 बजे एनडीआरएफ टीम ने लगातार प्रयास के बाद डूबे हुए व्यक्ति के शव को बरामद किया। इस घटना के बाद प्रशासन और एनडीआरएफ ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे उफनती नदियों या गहरे पानी के स्रोतों के पास जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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