उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और ऑल इंडिया स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के योग्य पाठ्यक्रम लागू करने के उद्देश्य से बड़े बदलाव का निर्णय लिया है।
लखनऊ (यूपी)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और ऑल इंडिया स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के योग्य पाठ्यक्रम लागू करने के उद्देश्य से बड़े बदलाव का निर्णय लिया है। इसके तहत यूपी के परिषदीय विद्यालयों में नये शैक्षणिक सत्र से एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने का निर्णय लिया गया है। राज्य की योगी सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत देश भर में एक जैसे पाठ्यक्रम लागू करने की केन्द्र की पहल को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य देश भर में एकसमान पाठ्यक्रम, शिक्षा में पारदर्शिता और निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों के माध्यम से हो रही कमीशनखोरी पर रोक लगाना है।
2027-28 सत्र से एनसीईआरटी किताबों का विस्तार
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने यूपी के परिषदीय - विद्यालयों में 2027-28 सत्र से कक्षा एक से आठ तक सभी क्लास में एनसीईआरटी की किताबें लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी कक्षा 1 से 4 तक एनसीईआरटी की किताबें चल रही हैं। पर अब आगामी सत्र से आठ तक सभी क्लास में एनसीईआरटी की किताबें पढ़ायी जाएंगी।
महंगी किताबों और कमीशनखोरी पर लगाम
यूपी के प्राथमिक शिक्षा विभाग के सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्राथमिक विद्यालयों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। राज्य में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों के स्थान पर सस्ती NCERT किताबें अनिवार्य की जा रही हैं। आगे चलकर 9वीं से 12वीं तक भी अब केवल NCERT और सरकारी मान्यता प्राप्त किताबें ही पढ़ाई जाएंगी और इन पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए अध्ययन सामग्री ऑनलाइन भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने में सहूलियत होगी। यह निर्णय छात्रों को सस्ती और सही किताबें उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पाठ्यक्रम में सुधार
केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत देश भर में एक जैसे पाठ्यक्रम व क्षेत्रीय भाषाओं में पठन-पाठन पर जोर दिया जा रहा है। इस क्रम में उत्तर प्रदेश में कक्षा 9 से 12 तक एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पहले से चल रहा है। जबकि पिछले दो साल में कक्षा एक-दो और तीन-चार में एनसीईआरटी की किताबें लागू की गई हैं। अब बचे हुए चार क्लास में भी इसे प्रभावी बनाने की तैयारी तेज हो गई है।
एससीईआरटी ने शुरू की तैयारी
यूपी के राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत कक्षा चार से आठ तक की किताबों के कस्टमाइजेशन का काम शुरू कर दिया गया है। इस पाठ्यक्रम में स्थानीय जरूरतों व चीजों को जोड़ा जाएगा। इसके बाद एनसीईआरटी से पाठ्यक्रम अप्रूव कराकर लागू किया जाएगा। एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार ने बताया कि समय से किताबों को उपलब्ध कराने के लिए संस्थान की ओर से अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। हम इसे समय से तैयार करके छात्रों के लिए उपलब्ध करा देंगे। सब ठीक रहा तो नए सत्र से बची हुई चार कक्षाओं में भी एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू कर दिया जाएगा।
शिक्षकों के ऑनलाइन लेक्चर और डिजिटल कंटेंट की तैयारी
राज्य में शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए एससीईआरटी द्वारा शिक्षकों के लेक्चर भी ऑनलाइन रिकॉर्ड कराए जा रहे हैं। छात्रों को डिजिटल कंटेंट भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत बेसिक के बाद माध्यमिक के शिक्षकों का भी लेक्चर रिकॉर्ड कराया जाएगा।
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