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जीएसटी वसूली में यूपी की लंबी छलांग

राज्यकर की रिकॉर्ड वसूली के साथ यूपी सक्रिय करदाताओं में बना नंबर वन

उत्तर प्रदेश ने राज्य कर वसूली के मोर्चे पर दोहरी उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने जीएसटी बकाया हासिल करने में 141% उछाल दर्ज करने के साथ सक्रिय करदाताओं में देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

राज्यकर की रिकॉर्ड वसूली के साथ यूपी सक्रिय करदाताओं में बना नंबर वन

UP Tops India in GST Recovery and Active Taxpayers |

लखनऊ (यूपी)। उत्तर प्रदेश ने राज्य कर वसूली के मोर्चे पर दोहरी उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने जीएसटी बकाया - हासिल करने में 141% उछाल दर्ज करने के साथ सक्रिय करदाताओं में देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 3458.22 करोड़ की वसूली दर्ज की जो वित्त वर्ष 2024-25 के 1430.04 करोड़ के मुकाबले 2028.18 करोड़ अधिक है। इसके साथ ही सक्रिय जीएसटी देने वालों की संख्या 21.52 लाख पहुंच गई है। इससे यूपी देश में पहले स्थान पर आ गया है। महाराष्ट्र 20.05 लाख करदाताओं के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।

जीएसटी और वैट वसूली में जबरदस्त बढ़ोतरी

राज्य कर विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक राजस्व प्राप्ति के प्रयासों में उत्तर प्रदेश ने बड़ा उछाल दर्ज किया है। इसमें सबसे अहम योगदान जीएसटी का रहा, जहां वसूली ₹810.96 करोड़ से बढ़कर ₹2657.80 करोड़ पहुंच गई। यह ₹1846.84 करोड़ की बढ़ोतरी और 227.7 प्रतिशत की वृद्धि को दिखाता है। वहीं वैट में भी स्थिर बढ़त देखने को मिली, जहां वसूली ₹619.08 करोड़ से बढ़कर ₹800.42 करोड़ हो गई, जो 29.3 प्रतिशत की वृद्धि है। इससे साफ है कि विभाग ने बड़े बकाया मामलों पर प्रभावी कार्रवाई की है।

जागरूकता और सख्ती से मजबूत हुआ टैक्स सिस्टम

राज्य कर आयुक्त, डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि राज्य कर विभाग ने एक तरफ व्यापारियों के पंजीयन पर फोकस किया तो दूसरी तरफ बकाया वसूली के लिए अलग योजना बनाकर काम किया। विभागीय प्रयासों के तहत पंजीकरण जागरुकता अभियान चलाया गया, जिससे नए व्यापारियों को सिस्टम में जोड़ा गया। वर्ष 2024-25 में नए पंजीकरण से ही ₹500 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। साथ ही व्यापारियों को रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे अनुपालन में सुधार आया। इसी का परिणाम है कि एक तरफ पुराने बकाया की प्रभावी वसूली कर राजस्व में तेजी आई है, तो दूसरी तरफ नए करदाताओं को जोड़कर टैक्स बेस को भी मजबूत किया है। प्रदेश अब कर संग्रह और करदाता संख्या दोनों ही मामलों में अग्रणी बनकर उभरा है।

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