मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में एनकॉर्ड की राज्य स्तरीय समिति की बैठक हुई।
Uttar Pradesh Chief Secretary reviews NCORD meeting, orders strict action against drug trafficking |
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। लखनऊ में मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में नारकोटिक्स कंट्रोल एवं समन्वय तंत्र (एनकॉर्ड) की राज्य स्तरीय समिति की तृतीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण, नशा मुक्ति एवं जागरूकता अभियान, मादक पदार्थों के निस्तारण तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं और चिन्हित हॉट स्पॉट की निरंतर निगरानी की जाए।
शिक्षण संस्थानों के पास ड्रग फ्री जोन और सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि शैक्षणिक संस्थानों के चारों ओर 500 मीटर के दायरे को सख्त ड्रग फ्री जोन के रूप में घोषित और लागू कराया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के परिवहन, तस्करी एवं व्यापार के विरुद्ध सघन कार्रवाई करते हुए अधिकतम बरामदगी और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। सभी कमिश्नरेट एवं जनपद अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कारोबार के स्रोत, नेटवर्क और वितरण तंत्र पर प्रभावी कार्रवाई करें। मादक पदार्थों से पीड़ित युवाओं की काउंसलिंग कराकर उनके पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
वर्ष 2026 में अब तक की कार्रवाई और बरामदगी के आंकड़े
बैठक में आईजी एएनटीएफ श्री अब्दुल हमीद ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 563 जिला स्तरीय गोष्ठियां आयोजित की जा चुकी हैं। लखनऊ, कानपुर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आगरा, बरेली, शामली, बाराबंकी, सहारनपुर एवं सोनभद्र को 10 प्रमुख हॉट स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। प्रदेश में वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 3,737 अभियोग पंजीकृत, 5,390 अभियुक्त गिरफ्तार तथा 32,768 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। एएनटीएफ द्वारा इसी अवधि में 153 अभियोग पंजीकृत कर 340 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
मादक पदार्थों का निस्तारण और अवैध खेती पर नजर
एएनटीएफ के गठन के पश्चात वर्ष 2022 से अगस्त 2026 तक प्रदेश में 4,37,902 किलोग्राम मादक पदार्थों का निस्तारण कराया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1,925 करोड़ रुपये है। अवैध अफीम की खेती की सूचना देने के लिए सीबीएन एवं सेंट्रल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो (CEIB) द्वारा व्हाट्सऐप नंबर जारी किया गया है जिस पर अवैध खेती की फोटो अपलोड की जा सकती है। इसके अलावा, जनवरी से जून 2026 तक प्रदेश में 2,642 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और भांग की लाइसेंसी दुकानों की संख्या घटाकर 1,288 कर दी गई है।
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