देहरादून में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा बैठक हुई। अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश।
देहरादून (उत्तराखंड)। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में जनपदों के शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण को लेकर बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जनपदों से सम्बन्धित लंबित प्रकरणों की विस्तार से जानकारी लेते हुए उनके निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की।
विभागों को समन्वय से निस्तारण के निर्देश
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के विभागाध्यक्षों को आपसी समन्वय से जनपदों के लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर किसी प्रकरण के निस्तारण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जिलाधिकारी संबंधित विभागाध्यक्षों से सीधे संवाद कर समस्याओं का समाधान कराएं। आवश्यकता होने पर विभागीय उच्चाधिकारियों से सीधे समन्वय स्थापित कर प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
निर्माण कार्यों में देरी पर मुख्य सचिव सख्त
मुख्य सचिव ने कहा कि जनपदों से सम्बन्धित विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने सड़कों, पुलों, भवनों तथा अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में विभागीय स्तर पर निर्णय लिया जाना है, उनमें समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारियों को नियमित समीक्षा के निर्देश
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों से सम्बन्धित लंबित प्रकरणों की नियमित रूप से समीक्षा करें तथा जिन मामलों में विभागाध्यक्ष स्तर पर समन्वय की आवश्यकता है, उनमें सीधे संबंधित विभागाध्यक्ष से वार्ता कर समाधान कराएं। उन्होंने कहा कि शासन और जनपदों के मध्य प्रभावी समन्वय से ही लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण संभव है।
हर माह बैठक से लंबित मामलों में तेजी
उल्लेखनीय है कि जनपदों के शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को यह बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक के दौरान विभिन्न जिलाधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए बताया कि इसके माध्यम से जनपदों के वर्षों से लंबित अनेक प्रकरणों का समाधान संभव हुआ है। जिलाधिकारियों ने कहा कि नियमित समीक्षा और विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ सीधे समन्वय से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आई है।
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