प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

मुख्यमंत्री की पहल पर काशी विश्वनाथ मंदिर में..

मुख्यमंत्री की पहल पर काशी विश्वनाथ मंदिर में लगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी

भोपाल। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में अब भक्त न केवल बाबा के दर्शन कर सकेंगे, बल्कि भारतीय काल गणना की...

मुख्यमंत्री की पहल पर काशी विश्वनाथ मंदिर में लगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी

MP News : मुख्यमंत्री की पहल पर काशी विश्वनाथ मंदिर में लगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी |

भोपाल। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में अब भक्त न केवल बाबा के दर्शन कर सकेंगे, बल्कि भारतीय काल गणना की प्राचीन परंपरा से भी रूबरू हो सकेंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल पर मंदिर परिसर में 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' स्थापित की गई है।

उज्जैन की सफलता के बाद वाराणसी में

उज्जैन में दुनिया की पहली वैदिक घड़ी की सफलता के बाद, अब इसे वाराणसी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में लगाया गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वाराणसी के तीन दिवसीय प्रवास के दौरान बाबा विश्वनाथ को यह घड़ी समर्पित की।

​महाकाल नगरी व काशी विश्वनाथ के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव

यह पहल महाकाल की नगरी और काशी विश्वनाथ की नगरी के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और अधिक मजबूत करती है।

​यह है वैदिक घड़ी की खास बातें

​यह केवल समय बताने वाली घड़ी नहीं है, बल्कि एक संपूर्ण डिजिटल पंचांग है। यह घड़ी सूर्योदय के समय के आधार पर चलती है और भारतीय ज्योतिषीय गणना (जैसे मुहूर्त, नक्षत्र, योग, करण और तिथि) की सटीक जानकारी देती है। इसमें दिन को 30 मुहूर्तों में विभाजित किया गया है। साथ ही यह 900 कला और 27,000 काष्ठा जैसी सूक्ष्म गणनाएं भी प्रदर्शित करती है।

​घड़ी में आधुनिक तकनीक का प्रयोग

यह घड़ी GPS (Global Positioning System) से जुड़ी है, जिससे स्थान के अनुसार सूर्योदय और सूर्यास्त का समय स्वतः अपडेट हो जाता है।

​180 भाषाओं में मिलती है जानकारी

इस घड़ी के साथ एक मोबाइल एप्लिकेशन भी उपलब्ध है जो 180 से अधिक भाषाओं में जानकारी प्रदान करता है। ​इस घड़ी का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति और भारतीय विज्ञान के तालमेल को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है। यह पर्यटकों और श्रद्धालुओं को यह समझने में मदद करेगी कि भारत की प्राचीन समय गणना पद्धति कितनी वैज्ञानिक और सटीक थी।

​सूर्योदय के साथ ऑपरेट और GPS भी साथ में

यह वीडियो काशी विश्वनाथ मंदिर में लगी इस विशेष वैदिक घड़ी की कार्यप्रणाली और इसकी विशेषताओं को विस्तार से दिखाता है। यह सूर्योदय के साथ ऑपरेट होता है और इसमें जीपीएस भी है। 

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/state/congress-releases-list-of-candidates-for-west-bengal-assembly-elections/152818

Related to this topic: