उमरिया के कारीगडहरी गांव में बदहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों ने कीचड़ में धान के पौधे रोपकर अनोखे अंदाज में विरोध जताया और जल्द सड़क की मरम्मत व स्थायी निर्माण की मांग की।
Villagers Plant Paddy Saplings on Muddy Road in Umaria to Protest Poor Road Conditions |
उमरिया (मध्य प्रदेश)। करकेली जनपद पंचायत अंतर्गत मानिकपुर ग्राम पंचायत के कारीगडहरी गांव में सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने रविवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। बारिश के बाद कीचड़ में तब्दील हो चुकी सड़क पर ग्रामीणों ने धान के पौधे रोपकर अपनी समस्या जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने जल्द सड़क की मरम्मत और स्थायी निर्माण की मांग की है।
गांव की सड़क की स्थिति बेहद खराब
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही गांव की सड़क की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा होने से रास्ते से पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन चालकों को भी आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण कई बार लोग फिसलकर गिर जाते हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सड़क अब सड़क कम और खेत ज्यादा नजर आने लगी है। इसी समस्या को प्रतीकात्मक रूप से दिखाने के लिए उन्होंने कीचड़ से भरे रास्ते में धान के पौधे रोपे।
गांव में सड़क की समस्या का स्थायी समाधान जरूरी
ग्रामीणों ने कहा कि प्रदर्शन के पीछे किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना उद्देश्य नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही समस्या की ओर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करना है। उनका कहना है कि गांव में सड़क की समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन बाधित न हो।
सड़क का जल्द से जल्द स्थायी निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का जल्द से जल्द स्थायी निर्माण कराया जाए। जब तक सड़क का निर्माण नहीं होता, तब तक बारिश के दौरान आवागमन सुचारू रखने के लिए अस्थायी व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण गांव के लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
जांच के बाद होगा सुधार
मामले को लेकर करकेली जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रेबांशु सिंह ने बताया कि सड़क की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए उपयंत्री को मौके पर भेजा जाएगा। जांच के बाद स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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