आगरा की एक महिला ने कथित तौर पर जमीन विवाद के चलते लखनऊ के हजरतगंज इलाके में मुख्यमंत्री आवास के पास पार्क रोड पर एक टावर पर चढ़ाई कर ली।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): आगरा की एक महिला ने कथित तौर पर जमीन विवाद के चलते लखनऊ के हजरतगंज इलाके में मुख्यमंत्री आवास के पास पार्क रोड पर एक टावर पर चढ़ाई कर ली। लखनऊ अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान में आज तुलसा नाम की महिला को सफलतापूर्वक सुरक्षित निकाल लिया गया।
महिला ने जमीन पर कब्जे का लगाया आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि जाट समुदाय के मान सिंह नाम के एक व्यक्ति ने उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। उसने यहां पत्रकारों से कहा, "मेरा नाम तुलसा है। मैं आगरा से हूं। मान सिंह ने मेरी डेढ़ बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है। वह जाट है। उसने आज मुझे धमकी भी दी।"
नालंदा में 1,000 रुपये के विवाद में हत्या का आरोप
इस बीच, बिहार के नालंदा में एक अन्य घटना में, 1,000 रुपये के बकाया भुगतान को लेकर हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि दंपति को उनके घर से अगवा कर लिया गया, एक पेड़ से बांध दिया गया और बिजली के झटके दिए गए।
पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक सुरेंद्र मांझी की पत्नी नौलेजा देवी ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके पति को उनके घर से ले जाकर पीटा गया। घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने दावा किया कि आरोपियों ने उन्हें घर के अंदर बिजली के झटके भी दिए। नौलेजा देवी ने आरोप लगाया, “हमें हमारे घर से उठाया गया और फिर हम दोनों को एक पेड़ से बांध दिया गया। हमारी पिटाई की गई। हमें घर के अंदर बिजली के झटके भी दिए गए। हमने कुछ पैसे उधार लिए थे और हमें बाकी 1,000 रुपये लौटाने थे। जब उन्होंने हमारी पिटाई शुरू की, तो हमने 1,000 रुपये लौटा दिए। फिर भी, उन्होंने मेरी आंखों के सामने उसकी हत्या कर दी। मैं खिड़की से भाग निकली।”
चार लोगों पर लगाया जिम्मेदार होने का आरोप
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि वह और उनके पति एक ईंट भट्ठे में काम करते थे और उन्होंने मुकेश यादव, मनीष, दिलखुश और अपनी चचेरी बहन मौली देवी को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। एक रिपोर्ट के अनुसार, सुरेंद्र मांझी ने कथित तौर पर ठेकेदार मुकेश यादव से 4.5 लाख रुपये लिए थे और हत्या का संबंध कर्ज की वसूली को लेकर हुए विवाद से था। रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना के बाद पुलिस ने मृतक का शव एक कब्र से बरामद किया।
14 सितंबर को काम के बहाने बुलाने का दावा
एक अलग रिपोर्ट में भी इस मामले से जुड़े आरोपों का जिक्र किया गया है, जिसमें कहा गया है कि दंपति को कथित तौर पर 14 सितंबर को काम के बहाने बुलाया गया और बाद में एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां सुरेंद्र को कथित तौर पर एक पेड़ से बांधकर उसके साथ मारपीट की गई। मारपीट, बिजली के झटके और दोषियों की पहचान से जुड़े आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और गिरफ्तारियों के संबंध में आगे की जानकारी का इंतजार है।
(एएनआई)
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