ईएमसी पार्क, सोलर, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के बड़े निवेश से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर बदल रही है।
नोएडा/लखनऊ,(उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास ने उल्लेखनीय गति पकड़ी है। यहां अपैरल, मेडिकल डिवाइस, टॉय, एमएसएमई, हैंडीक्राफ्ट, ओडीओपी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क जैसे कई औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिनसे राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
206 एकड़ में बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 24 जून 2025 को यीडा सेक्टर-10 में 206.40 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) को मंजूरी दी है। इस परियोजना का लक्ष्य आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना विकसित कर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। इसका प्रस्ताव STPI लिमिटेड के माध्यम से 28 मार्च 2024 को भेजा गया था। मंजूरी के बाद 3 जुलाई 2025 को यीडा और STPI के बीच एमओयू साइन हुआ। परियोजना का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि आधारभूत ढांचा सितंबर 2027 तक तैयार किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया के तहत मैसर्स जेएसपी प्रोजेक्ट्स प्रा. लि. को काम सौंपा गया है।
417 करोड़ की लागत से विकसित होगा ईएमसी पार्क
इस 206.40 एकड़ के ईएमसी पार्क पर करीब 417 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 144.48 करोड़ रुपये और यीडा की ओर से लगभग 272.52 करोड़ रुपये होगी। यह परियोजना राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए नए अवसरों और एक मजबूत औद्योगिक नेटवर्क का निर्माण करेगी।
सोलर सेक्टर में 8,253 करोड़ का निवेश
यीडा के सेक्टर-8 में सात्विक सोलर प्रा. लि. द्वारा 200 एकड़ भूमि पर सोलर सेल और सोलर मॉड्यूल निर्माण इकाई स्थापित की जा रही है। इस परियोजना में 8,253 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इससे लगभग 5,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसका शिलान्यास 14 नवंबर 2025 को किया गया था और कार्य प्रगति पर है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 3,250 करोड़ की परियोजना
सेक्टर-10 के EMC पार्क में एसेंड सर्किट्स प्रा. लि. को 16 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहां कंपनी फ्लेक्सिबल पीसीबी, एचडीआई पीसीबी और सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट का निर्माण करेगी। इस परियोजना में 3,250 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। भूमि आवंटन 16 जनवरी 2026 को हुआ और 28 अप्रैल 2026 को लीज डीड पूरी की गई।
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट सेक्टर में 3,532 करोड़ का निवेश
यीडा के सेक्टर-8 में अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया लि. को 100 एकड़ भूमि दी गई है, जहां कंपनी कॉपर क्लैड लैमिनेट्स, असेंबली और अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण करेगी। इस परियोजना में 3,532 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इससे लगभग 2,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
क्लस्टर आधारित विकास से बदलती औद्योगिक तस्वीर
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित हो रहे विभिन्न औद्योगिक पार्क उत्तर प्रदेश को एक नई औद्योगिक पहचान दे रहे हैं। इन परियोजनाओं से न केवल निवेश बढ़ रहा है बल्कि तकनीकी उन्नति, निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन को भी मजबूती मिल रही है।
योगी सरकार की औद्योगिक नीति का प्रभाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश अनुकूल नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और तेज स्वीकृति प्रक्रियाओं के कारण देश-विदेश की कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, सोलर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ता निवेश राज्य को देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह विकास राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को मजबूत आधार प्रदान कर रहा है।
यह भी पढ़ेंः प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को भारत में निर्मित गश्ती पोत, एम्बुलेंस और उपयोगी वाहन सौंपे