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लखनऊ छावनी को मॉडल कैंटोनमेंट बनाने की तैयारी

लखनऊ छावनी को मॉडल कैंटोनमेंट बनाने की तैयारी, योगी-राजनाथ ने 12 विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास

सीएम योगी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ कैंट को ₹101 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ अब लखनऊ छावनी एक 'मॉडल कैंट' के रूप में विकसित होगी। पढ़ें पूरी खबर।

लखनऊ छावनी को मॉडल कैंटोनमेंट बनाने की तैयारी योगी-राजनाथ ने 12 विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास

Yogi Rajnath Launch 12 Lucknow Cantonment Projects |

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ ₹101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करना है। एआई बेस्ड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अलावा यहां स्कूल में अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था भी प्रारंभ होने जा रही है।

मॉडल छावनी के साथ ईज ऑफ लिविंग पर जोर

सीएम ने विश्वास जताया कि लखनऊ की छावनी परिषद 'आदर्श' बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। 'ईज ऑफ लिविंग' के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रसर होगी। सीएम ने कहा कि यह छावनी परिषद अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी, जिससे सैन्यकर्मियों, पूर्व सैन्यकर्मियों व सिविलियन को यहां हर महत्वपूर्ण सेवा मिलेगी। बदलते हुए परिवेश में लखनऊ में इन सुविधाओं की आवश्यकता थी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी व रक्षा मंत्रालय की तरफ से ये प्राप्त हो रही हैं।

साल के अंत तक गोमती को साफ करने का सीएम का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को स्वच्छ बनाने में सफल होंगे। सेना की मध्य कमान ने गोमती नदी की अविरलता व स्वच्छता के लिए प्रदेश सरकार को पूरा सहयोग दिया है, जिससे यह कार्यक्रम युद्ध स्तर पर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने 9 वर्ष में सुरक्षा, सुशासन की नई यात्रा तय की है। 20 वर्ष पहले राजधानी में रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड लिखा होता था कि 'मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं', लेकिन ट्रैफिक जाम, संकरी गलियों व गंदगी को देखकर मुस्कुराने के बजाय लोग रोने को मजबूर होते थे। किंतु अब लखनऊ ने पुरानी विरासत के साथ आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री ने सुनाई लखनऊ के बदलाव की कहानी

मुख्यमंत्री ने कहा, "लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह जी के नेतृत्व में अटल जी के सपनों को साकार किया गया है। लखनऊ में संकरी गलियां हैं तो सीएम ग्रिड की स्मार्ट रोड भी है। किसान पथ जैसा आउटर रिंग रोड भी है। यहां ऊदा देवी पासी व महाराजा बिजली पासी के स्मारकों की धरोहर है तो दूसरी ओर लखनऊ भारत की रक्षा आवश्यकता व आत्मनिर्भरता की दृष्टि से ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों का केंद्र भी बना है। यहां हस्तशिल्पियों की चिकनकारी की अद्भुत कला है तो यूनेस्को ने 'क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी' के रूप में मान्यता देकर लखनऊ को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है।"

9 वर्ष में यूपी को नई दिशा देने का प्रयास

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले जिस प्रदेश के सामने पहचान का संकट, अभाव, अराजकता, अव्यवस्था, उपद्रव था, आज वह प्रदेश इन सबसे उबर चुका है। हमने 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया है। अब यूपी भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है। भारत की आत्मनिर्भरता के लिए यूपी में छह डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर भी स्थापित हो रहे हैं। 

इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बना यूपी की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी जाना जा रहा है। देश में जितने भी एक्सप्रेसवे हैं, इनमें 60 फीसदी यूपी के पास हैं। यहां रेलवे का सबसे बड़ा नेटवर्क, सर्वाधिक मेट्रो भी हैं। सीएम ने भारत सरकार से मेट्रो के द्वितीय चरण की स्वीकृति दिलाने के लिए रक्षा मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह कार्य भी बहुत जल्द आगे बढ़ने जा रहा है। देश की पहली रैपिड रेल, पहला वाटर-वे और सबसे बड़ा एयरकनेक्टिविटी नेटवर्क यूपी के पास है। यहां 17 घरेलू व 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। यूपी से देश-दुनिया के सभी क्षेत्रों में एयर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध है।

सैन्य बलों में यूपी की लीडिंग पोजिशन

सीएम ने कहा कि सैन्य बलों की सेवाओं में यूपी हमेशा लीडिंग पोजिशन में रहा है। देश में सैनिक स्कूलों की परंपरा की शुरुआत डॉ. संपूर्णानंद ने यूपी से की थी। यूपी में बने कई सैनिक स्कूल युवाओं को तैयार कर रहे हैं, जो वर्तमान के साथ ही भविष्य के भारत की सुरक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति में योगदान देंगे। हमारी सेना के अधिकारी व जवान 24 घंटे अनवरत भारत की रक्षा करते हैं। पहले उनकी सुविधा के लिए फंड की कमी आड़े आती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
​(Published By: Ravi Pandey)

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