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बलूच पीपुल्स कांग्रेस का आरोप

पाकिस्तान पर सूडान को हथियारों के निर्यात और युद्ध को भड़काने का आरोप

बलूच पीपुल्स कांग्रेस ने पाकिस्तान पर सूडान को हथियार और सैन्य उपकरण भेजने का आरोप लगाया है। संगठन ने इस मामले की स्वतंत्र जांच और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है।

पाकिस्तान पर सूडान को हथियारों के निर्यात और युद्ध को भड़काने का आरोप

Baloch People's Congress Alleges Pakistan Is Supplying Arms to Sudan |

पेरिस (फ्रांस)। बलूच पीपुल्स कांग्रेस (BPC) ने सहयोगी बलूच, पश्तून और सिंधी संगठनों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पाकिस्तानी सेना पर सूडान को हथियार और सैन्य उपकरण आपूर्ति करने का आरोप लगाया है। BPC का आरोप है कि ये निर्यात सूडान में चल रहे संघर्ष को बढ़ावा दे रहे हैं और साथ ही घरेलू स्तर पर इस्लामाबाद के सैन्य अभियानों को मजबूत कर रहे हैं।

सूडानी सैन्य परेड में दिखा पाकिस्तानी बख्तरबंद वाहन

एक प्रेस विज्ञप्ति में, BPC ने उन खबरों पर चिंता व्यक्त की है। इनमें बताया गया है कि हाल ही में सूडानी सैन्य परेड में पाकिस्तानी निर्मित मोहफिज-वी बख्तरबंद वाहन दिखाई दिया, जो संघर्षग्रस्त अफ्रीकी देश में इस वाहन की उपस्थिति का पहला सार्वजनिक प्रमाण है। यह वाहन पाकिस्तान की सरकारी कंपनी हेवी इंडस्ट्रीज टैक्सिला (HIT) की सहायक कंपनी HIT आर्मर द्वारा निर्मित है।

ड्रोन और लड़ाकू विमानों की आपूर्ति का भी लगाया आरोप

समूह का आरोप है कि यह हस्तांतरण एक व्यापक सैन्य सहायता पैकेज का हिस्सा हो सकता है जिसमें कथित तौर पर YIAHI-III आत्मघाती ड्रोन, शाहपर-2 ड्रोन, K-8 कराकोरम विमान और चीनी मूल के वायु रक्षा तंत्र शामिल हैं। समूह ने उन रिपोर्टों का भी हवाला दिया जिनमें दावा किया गया है कि सैन्य उपकरण सऊदी अरब के रास्ते सूडान पहुंचे, हालांकि कथित सौदे के पैमाने और वित्तपोषण के बारे में विवरण अभी स्पष्ट नहीं है।

हथियार सौदे को लेकर उठे नए सवाल

BPC के अनुसार, विशेष रिपोर्टों से पता चला है कि सऊदी अरब द्वारा वित्तीय सहायता वापस लेने के बाद लगभग 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर के प्रस्तावित हथियार समझौते में रुकावट आ सकती है। हालांकि, BPC का तर्क है कि सूडान में पाकिस्तानी सैन्य उपकरणों की कथित उपस्थिति से संकेत मिलता है कि सहयोग का कम से कम कुछ हिस्सा साकार हो चुका है।

हथियारों की कमाई से सैन्य अभियानों को बल मिलने का दावा

संगठन ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना का बलूच और पश्तून क्षेत्रों में नागरिकों के खिलाफ उन्नत हथियारों के इस्तेमाल का इतिहास रहा है और दावा किया कि हथियारों के निर्यात से प्राप्त राजस्व बलूच, सिंधी और पश्तून समुदायों के खिलाफ सैन्य अभियानों को और मजबूत कर सकता है।

सूडान के मानवीय संकट पर जताई गंभीर चिंता

BPC ने सूडान में मानवीय स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि अप्रैल 2023 में शुरू हुए इस संघर्ष के परिणामस्वरूप हजारों लोगों की मौत हुई है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। BPC का तर्क है कि अतिरिक्त सैन्य उपकरणों की तैनाती से संघर्ष और तीव्र हो सकता है और शांति प्रयासों को नुकसान पहुंच सकता है।

संयुक्त राष्ट्र समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग

अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई का आह्वान करते हुए, BPC ने सूडान को कथित पाकिस्तानी हथियारों के सभी हस्तांतरणों को तत्काल निलंबित करने का आग्रह किया और कथित सैन्य सहयोग, जिसमें इसके वित्तपोषण और मध्यस्थों की जानकारी शामिल है, की स्वतंत्र जांच की मांग की। इसमें नागरिकों के खिलाफ कथित हथियारों के इस्तेमाल पर जवाबदेही तय करने, हथियार निर्यात से प्राप्त राजस्व का ऑडिट करने और सूडान संघर्ष के और अधिक सैन्यीकरण को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र, अफ्रीकी संघ और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों के हस्तक्षेप की भी मांग की गई। (Source: ANI)

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