बांग्लादेश की संसद ने बुधवार को आतंकवाद-विरोधी (संशोधन) बिल को मंजूरी दे दी है। इसमें आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों या संस्थाओं पर रोक लगाने के प्रावधान शामिल किए गए हैं।
ढाका (बांग्लादेश)। बांग्लादेश की संसद ने बुधवार को आतंकवाद-विरोधी (संशोधन) बिल को मंजूरी दे दी है। इसमें आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों या संस्थाओं की गतिविधियों पर रोक लगाने के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इस बिल से पहले, अंतरिम सरकार के कार्यकाल में एक अध्यादेश जारी किया गया था। इस अध्यादेश के माध्यम से मौजूदा आतंकवाद-विरोधी कानून में संशोधन किया गया, जिसके तहत अंतरिम सरकार ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में उनके मुकदमे की समाप्ति तक बांग्लादेश अवामी लीग और उसके नेताओं की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था।
अब संस्थाओं की सभी गतिविधियों पर रोक संभव
पहले, आतंकवाद-विरोधी कानून में किसी संस्था की गतिविधियों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का प्रावधान नहीं था। यह केवल सरकार को यह अधिकार देता था कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसे गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से सूचीबद्ध किया जा सकता है या प्रतिबंधित किया जा सकता है। हालांकि, इस संशोधन में ऐसी संस्थाओं की सभी गतिविधियों को रोकने का प्रावधान जोड़ा गया है। बुधवार को पारित बिल ने इस अध्यादेश को कानूनी रूप दिया।
विपक्षी नेता ने पर्याप्त समय न मिलने पर जताई आपत्ति
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने संसद में बिल पेश किया। सत्र के दौरान, विपक्षी नेता शफीकुर रहमान ने आपत्ति जताई और कहा कि सदस्यों को तुलनात्मक दस्तावेज़ केवल तीन से चार मिनट पहले ही मिला था, इसलिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिला। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बिल संवेदनशील है और इसे पारित करने से पहले और समय दिया जाना चाहिए। इस पर स्पीकर हाफ़िज़ उद्दीन अहमद ने कहा कि आपत्तियां उठाने का एक निर्धारित समय होता है। यदि उस समय चिंताएं प्रस्तुत की गई होतीं, तो उन्हें विचार में लिया जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि उस चरण में अब कोई आपत्ति स्वीकार नहीं की जा सकती।
प्रतिबंधित संस्थाओं की गतिविधियों और प्रचार पर सख्त पाबंदी
बिल के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति या संस्था आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो सरकार गजट नोटिफिकेशन जारी कर उस संस्था को प्रतिबंधित कर सकती है। उसे सूची में डाल सकती है या उसकी सभी गतिविधियों पर रोक लगा सकती है। कानून यह भी प्रतिबंधित करता है कि ऐसी संस्थाओं की ओर से प्रेस बयान प्रकाशित या छापा जाए, या मीडिया, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से प्रचार किया जाए। इसके अलावा, ऐसी संस्थाओं के समर्थन में जुलूस, बैठक, रैली, प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करना या सार्वजनिक भाषण देना भी प्रतिबंधित होगा।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/world/us-deems-irans-10-point-proposal-practical/155649
अमेरिका ने ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव को माना व्यावहारिक