वीबीएमपी ने तीनों महिलाओं का पता लगाने और उन्हें परिवारों के सामने पेश करने की मांग की, कहा- आरोप हैं तो अदालत में पेश किया जाए।
बलूचिस्तान [पाकिस्तान]: बलूचिस्तान में कथित तौर पर हिरासत में ली गई तीन बलूच महिलाओं के मामले को लेकर वॉइस फॉर बलोच मिसिंग पर्सन्स (VBMP) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कड़ी आलोचना की है। संगठन का कहना है कि महिलाओं के परिवार लगातार उनके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
VBMP ने अधिकारियों से की हस्तक्षेप की मांग
बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह मुद्दा क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर VBMP के विरोध शिविर में उठाया गया, जो अब 6,316वें दिन में प्रवेश कर चुका है। संगठन के अध्यक्ष नस्रुल्ला बलूच ने बताया कि तीनों महिलाओं के मामले लापता व्यक्ति आयोग और प्रांतीय प्रशासन को सौंप दिए गए हैं।
30 जुलाई को हिरासत में लिए जाने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, नेचारी जनजाति से संबंध रखने वाली राफिया बीबी, तानिया और जावेरिया को 30 जुलाई को क्वेटा के पास लक पास फ्रंटियर कोर चेकपोस्ट पर कथित रूप से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाने का दावा किया गया।
परिजनों को नहीं मिली आधिकारिक जानकारी
महिलाओं के परिजनों का कहना है कि अब तक उन्हें उनके ठिकाने या हिरासत के कानूनी आधार को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं दी गई है।
'आरोप हैं तो अदालत में पेश किया जाए'
नस्रुल्ला बलूच ने संबंधित अधिकारियों से तीनों महिलाओं का पता लगाकर उन्हें उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं पर कोई कानूनी आरोप हैं, तो उन्हें गुप्त हिरासत में रखने के बजाय कानून के अनुसार सक्षम अदालत के सामने पेश किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इससे परिवारों को स्पष्ट जानकारी मिलेगी और कानून के शासन का पालन सुनिश्चित होगा।
(एएनआई)
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