वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रम्प के पूर्व सलाहकार माइक फ्लिन ने शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में पाकिस्तान के 'ईमानदार मध्यस्थ' की क्षमता पर सवाल उठाया।
वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रम्प के पूर्व सलाहकार माइक फ्लिन ने शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में पाकिस्तान के 'ईमानदार मध्यस्थ' की क्षमता पर सवाल उठाया।
मध्यस्थता पर उठे सवाल
उन्होंने यह सवाल उन दावों के संदर्भ में उठाया जिनमें कहा गया है कि ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से आपूर्ति की गई चीनी मिसाइलों का उपयोग करके अमेरिकी विमानवाहक पोत पर हमला किया।
ट्रम्प प्रशासन से जुड़ा रहा नाम
जनरल माइक फ्लिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में ट्रंप के पहले कार्यकाल में काम कर चुके हैं।
सोशल मीडिया पर दिया बयान
उन्होंने X पर न्यूज कमेंट्री में प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि अमेरिकी विमानवाहक पोत को निशाना बनाने के लिए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) की मिसाइल का इस्तेमाल किया गया, जो पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंची।
सीसीपी पर गंभीर आरोप
फ्लिन ने कहा कि अगर यह दावा सही है, तो यह सीधे तौर पर 'युद्ध का कृत्य' माना जाना चाहिए।
चीन-पाकिस्तान पर कार्रवाई की मांग
उन्होंने चीन और पाकिस्तान को नोटिस किए जाने की बात कही और सुझाव दिया कि सीसीपी से जुड़े छात्रों को अमेरिकी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिला न दिया जाए।
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव
यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है और मध्य पूर्व में संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है।
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