रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का कहना है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं है। मंगलवार (स्थानीय समय के अनुसार) को एक प्रेसवार्ता में लावरोव ने कहा कि कई देशों के अपने उपनिवेश हैं।
मॉस्को। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का कहना है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं है। मंगलवार (स्थानीय समय के अनुसार) को एक प्रेसवार्ता में लावरोव ने कहा कि कई देशों के अपने उपनिवेश हैं। यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के चार्टर का खुला उल्लंघन है। अगर हम ग्रीनलैंड की बात करें तो यह औपनिवेशिक काल की घटनाओं का परिणाम है। यह 13वीं शताब्दी से शुरू होता है। 18वीं शताब्दी की शुरुआत में यह नार्वे का उपनिवेश बना फिर 20वीं शताब्दी की शुरुआत से यह डेनमार्क का उपनिवेश बन गया।
ग्रीनलैंड डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं: सर्गेई लावरोव
20वीं शताब्दी के मध्य में एक समझौते के तहत वह उपनिवेश न होकर डेनमार्क का सहयोगी क्षेत्र बन गया। बाद में यह यूरोपीय यूनियन से जुड़ गया। लावरोव ने कहा कि सिद्धांतत: ग्रीनलैंड डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं है। एक अन्य एजेंसी के अनुसार लावरोव ने दावा किया कि रूस किसी के अधिकार को चुनौती नहीं देता लेकिन खुद को भी नजरअंदाज करने की अनुमति नहीं दे सकता। अमेरिका भी ग्रीनलैंड पर डेनमार्क के अधिकार को खारिज कर चुका है।
रूसी विदेश मंत्री ने ग्रीनलैंड पर क्या कहा
रूसी डिप्लोमेसी के 2025 के परिणामों पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में लावरोव ने पश्चिम के भीतर "संकट की प्रवृत्तियों" के बारे में बात की, जिसमें ग्रीनलैंड इसका नवीनतम उदाहरण है, क्योंकि यह नाटो के भीतर भी बहुत ज्यादा तनाव पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा, "पिछले एक दशक से पश्चिमी देश अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल स्वरूप का सक्रिय रूप से विरोध कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि रूस ग्रीनलैंड के आसपास की "गंभीर भू-राजनीतिक स्थिति" पर नजर रख रहा है। लावरोव ने आगे कहा कि रूस, ग्रीनलैंड के मामलों में दखल देने में दिलचस्पी नहीं रखता है और वाशिंगटन जानता है कि रूस की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोई योजना नहीं है।
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