ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की है।
तेहरान (ईरान): ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने जर्मनी पर ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
जर्मन विदेश मंत्री के बयान पर जताई नाराजगी
सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए एक पोस्ट में इस्माइल बगाई ने जोहान वाडेफुल की टिप्पणियों को "बेहद शर्मनाक" बताया। उन्होंने कहा कि जर्मनी ईरान के खिलाफ अपनाए गए रुख से अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। बगाई ने आरोप लगाया कि जर्मनी ने ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता का समर्थन किया है और उसे इसके परिणामों की जिम्मेदारी उठानी होगी।
'आक्रामक बयानबाजी से जिम्मेदारी नहीं टलेगी'
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी तरह की आक्रामक बयानबाजी से बर्लिन अपनी भूमिका और ईरानी जनता के खिलाफ कथित युद्ध अपराधों की जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने सोमवार को कहा था कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से बारूदी सुरंगें हटाने की लागत उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान ने एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में गैरकानूनी तरीके से बारूदी सुरंगें बिछाई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल जर्मनी ईरान से इस अभियान का खर्च वसूलने की योजना नहीं बना रहा है, लेकिन नुकसान की भरपाई के लिए तेहरान द्वारा लागत का भुगतान करना उचित होगा।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी दिया बयान
इस बीच, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी संभावित द्विपक्षीय वार्ता की खबरों को खारिज कर दिया है। इस्माइल बगाई ने कहा कि आने वाले दिनों में किसी भी स्तर पर ऐसी कोई बातचीत निर्धारित नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए ईरानी विशेषज्ञों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द दोहा का दौरा करेगा।
ट्रम्प की चेतावनी पर ईरान की प्रतिक्रिया
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका या तो ईरान के साथ समझौता करेगा या फिर "काम पूरा करेगा"। उन्होंने दावा किया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाने में सक्षम है। ईरान ने ट्रम्प की इन टिप्पणियों की भी कड़ी आलोचना की है। इससे पहले आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों की निंदा करते हुए अमेरिका पर "सभ्यता, इतिहास और सम्मान" की कमी का आरोप लगाया था।
(एएनआई)
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