दोनों पक्षों ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने और 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में एक कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति जताई है।
तेहरान (ईरान) । ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका ने शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक "संचार लाइन" स्थापित की है ताकि किसी भी तरह के सैन्य टकराव जैसी होने वाली घटनाओं को रोका जा सके और दोनों देशों के बीच 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन के प्रावधानों के कार्यान्वयन को सुगम बनाया जा सके। यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने दी। स्विट्जरलैंड में दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता के अंतिम बयान के अनुसार, जिसे कतर और पाकिस्तान द्वारा जारी किया गया था। उसके मुताबिक यह संचार चैनल रणनीतिक जलमार्ग में संभावित घटनाओं के प्रबंधन में सहायता प्रदान करेगा।
सभी जहाजों को तय मार्गों से ही गुजरना होगाः ईरान
हालांकि, ईरान ने इस बात पर भी जोर दिया कि समझौते के तहत, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को तेहरान द्वारा घोषित मार्गों का पालन करना होगा। रिपोर्ट में कहा गया है, "जलडमरूमध्य से कोई भी मार्ग ईरान द्वारा घोषित मार्गों के माध्यम से ही होना चाहिए। दोनों पक्षों ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने और 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में एक कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति जताई है। स्विट्जरलैंड के बर्गेंस्टॉक में लेक ल्यूसर्न शिखर सम्मेलन के बाद कतर और पाकिस्तान द्वारा जारी संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने 60 दिनों की वार्ता अवधि के दौरान एक सीधी संचार लाइन स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की थी।
अमेरिका और आईआरजीसी के सैन्य प्रतिनिधि कतर में रहेंगे तैनात
गुरुवार को स्विट्जरलैंड में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि अमेरिका और ईरान दोनों देशों के सैन्य प्रतिनिधियों के साथ एक सीधा विवाद-समाधान चैनल स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। इस व्यवस्था के तहत ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) और अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रतिनिधि कतर के दोहा में तैनात रहेंगे। (एएनआई)