इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने क्षेत्रीय खतरों से निपटने के लिए राष्ट्रीय एकता सरकार का आह्वान किया, लेकिन विपक्षी दल यशार पार्टी के गादी आइसेनकोट के पीछे एकजुट हो गए हैं।
Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu and Israel’s Democratic Party Chairman Yair Golan |
तेल अवीव (इजरायल)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय खतरों का मुकाबला करने के लिए सभी ज़ायोनी राजनीतिक गुटों को मिलाकर एक व्यापक "राष्ट्रीय एकता सरकार" के तत्काल गठन की अपील की है। हालांकि, विपक्षी दलों ने नेतन्याहू के इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए यशार पार्टी के नेता गादी आइसेनकोट को प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में आगे बढ़ा दिया है।
नेतन्याहू का 'राष्ट्रीय एकता' का आह्वान
इजरायली मीडिया आउटलेट 'इजरायल हायोम' द्वारा प्रसारित टीवी संबोधन में नेतन्याहू ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित किया। अल जजीरा के मुताबिक, इजराइली प्रधानमंत्री ने एक ऐसी राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने की वकालत की, जिसमें 'नेशनल कैंप' के सभी दल और वे सभी ज़ायोनी दल शामिल हों, जो यहूदी लोगों के एकमात्र राज्य की रक्षा करना चाहते हैं।
प्रस्तावित गठबंधन के मुख्य उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि बाहरी सुरक्षा खतरों, विशेष रूप से तेहरान से मिलने वाली चुनौतियों को निर्णायक रूप से निष्प्रभावी करने के लिए एक एकजुट राजनीतिक नेतृत्व आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि यह एकता सरकार ईरान से परमाणु खतरे को स्थायी रूप से समाप्त करेगी और इजरायल को यहूदी राज्य के रूप में सुरक्षित रखेगी।
विपक्ष की सख्त प्रतिक्रिया: 'बचाव और बदलाव की सरकार' की मांग
नेतन्याहू की इस अपील को विपक्षी दलों ने तुरंत खारिज कर दिया। इजरायल की डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष यायर गोलन ने साफ कहा कि नेतन्याहू प्रशासन को सत्ता से हटाकर उसकी जगह "बचाव और बदलाव की सरकार" लाई जानी चाहिए।
गोलन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि इजरायल के लोकतंत्र, सुरक्षा और भविष्य की रक्षा के लिए नेतन्याहू सरकार को बदलना अनिवार्य है और विपक्ष इसे हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स समुदाय और सैन्य भर्ती पर बड़ा बयान
अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स (कट्टर धार्मिक) समुदाय का जिक्र करते हुए गोलन ने स्पष्ट किया कि भविष्य की किसी भी राजनीतिक साझेदारी का आधार साझा नागरिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियां होंगी। उन्होंने इस समुदाय के लोगों को सेना में अनिवार्य रूप से भर्ती करने की मांग की।
गोलन ने कहा कि वे इस समुदाय को सजा नहीं देना चाहते, लेकिन सच्ची साझेदारी के लिए आपसी जिम्मेदारी जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नेतन्याहू की तरह वे 'बनेई बराक' या 'मिया शियारिम' नहीं जाएंगे, बल्कि जो भी उनके साथ आना चाहता है, उसे 'रामत गान' में आकर मिलना होगा।
आर्थिक व सामाजिक सुधारों और नागरिक स्वतंत्रता पर जोर
विपक्षी नेता ने जोर देकर कहा कि देश की रक्षा और करों (टैक्स) का बोझ सिर्फ धर्मनिरपेक्ष नागरिकों पर नहीं डाला जा सकता। उन्होंने कहा कि अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स समुदाय को सेना और कार्यबल (वर्कफोर्स) दोनों में शामिल करना होगा ताकि मध्यम वर्ग अकेले सुरक्षा और अर्थव्यवस्था का बोझ न उठाए।
गोलन ने यह भी मांग की कि गैर-धार्मिक नगर पालिकाओं में नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा की जाए, जिसमें शब्बत (यहूदी विश्राम दिवस) के दौरान सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक गतिविधियां जारी रखना शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना ठोस सुधारों के किसी को भी बिना शर्त समर्थन (ब्लैंक चेक) नहीं दिया जाएगा।
गादी आइसेनकोट बने विपक्ष के नए प्रधानमंत्री उम्मीदवार
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच इजरायल के 'चेंज एंड रिपेयर' गठबंधन के विपक्षी नेताओं ने औपचारिक रूप से 'यशार' पार्टी के नेता गादी आइसेनकोट को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।
विपक्षी गठबंधन ने राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से गादी आइसेनकोट को देश की 38वीं सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की सिफारिश करने पर सहमति व्यक्त की है, ताकि सत्ता का तत्काल और सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित किया जा सके।
(इनपुट: ANI)
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