बाइडन ने दिखावटी परियोजनाओं और विदेश नीति की विफलताओं को लेकर ट्रंप को एक हारा हुआ व्यक्ति बताया।
मैरीलैंड,(अमेरिका)। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “हारने वाला” करार दिया और उनकी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रशासन पर संस्थागत भ्रष्टाचार, प्रक्रियागत खामियों और राष्ट्रीय हितों की बजाय व्यक्तिगत लाभ को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। मैरीलैंड डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा हनोवर में आयोजित एक फंडरेजिंग कार्यक्रम में बोलते हुए बाइडेन ने राजधानी क्षेत्र में चल रही निर्माण और पुनर्विकास परियोजनाओं पर भी सवाल उठाए और मौजूदा प्रशासन की नीतियों की कड़ी आलोचना की।
वाशिंगटन डीसी में किए गए संशोधनों की निंदा
वाशिंगटन डीसी के भीतर संरचनात्मक परिवर्तनों पर निशाना साधते हुए पूर्वी विंग में किए गए संशोधनों, विजय मेहराब के प्रस्तावित ढांचे और लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल के नवीनीकरण की निंदा की। बाइडेन ने कहा, राजधानी को फिर से सजाने के प्रयास गलत नेतृत्व का एक प्रमुख उदाहरण हैं। उन्होंने ने 6 जनवरी, 2021 को अमेरिकी कैपिटल पर हुए हमले में शामिल व्यक्तियों को मुआवज़ा देने और राष्ट्रपति द्वारा क्षमादान दिए जाने की निंदा की।
नई जल शोधन प्रणाली लगाने के फैसले की आलोचना
बाइडेन ने कहा, "अरे! कितना नाकामयाब इंसान है।" उन्होंने लिंकन मेमोरियल के रिफ्लेक्टिंग पूल में नई जल शोधन प्रणाली लगाने के फैसले की भी आलोचना की और दावा किया, कि यह काम ट्रंप के एक समर्थक और दानदाता को सौंपा गया था, जो फ्लोरिडा में उनके मार-ए-लागो एस्टेट के पास रहता है। अमेरिकी इतिहास में इससे पहले कभी इस तरह का भ्रष्टाचार नहीं देखा गया।
ट्रंप की विदेश नीति पर तीखा हमला
बाइडेन ने ट्रंप की विदेश नीति पर तीखा हमला करते हुए 2022 में यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति उनके रुख और कथित राजनयिक संबंधों पर सवाल उठाए।। बाइडेन ने कहा, कि ट्रंप की लगातार नीतियों और फैसलों ने उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की संरचना को कमजोर किया है और अमेरिका के पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों को जोखिम में डाल दिया है। साथ ही यह भी आरोप लगाया, कि उनके कार्यकाल में वैश्विक स्तर पर अमेरिका की साख पहले के किसी भी राष्ट्रपति की तुलना में अधिक प्रभावित हुई है।
भाषण का समय राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम
इस भाषण का समय राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम है। क्योंकि, यह उस घटना के लगभग दो साल बाद आया, जब बाइडेन ने ट्रंप के साथ एक टेलीविज़न बहस में हिस्सा लिया था, जिसके बाद बाइडेन को व्यापक रूप से आलोचना का सामना करना पड़ा था। उसी बहस के बाद उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से अपना नाम वापस लेने का फैसला किया था। ट्रंप ने नवंबर 2024 के चुनाव में दुसरे उम्मीदवार कमला हैरिस को पराजित करते हुए व्हाइट हाउस में अपना दूसरा कार्यकाल हासिल किया।(एएनआई)
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