समन्वित राजनयिक पहल के तहत, मैक्सिको, स्पेन और ब्राजील ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी कर क्यूबा की 'गंभीर स्थिति' पर चिंता व्यक्त की।
बार्सिलोना (स्पेन)। समन्वित राजनयिक पहल के तहत, मैक्सिको, स्पेन और ब्राजील ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी कर क्यूबा की 'गंभीर स्थिति' पर चिंता व्यक्त की। यह बयान ऐसे समय आया है जब द्वीप राष्ट्र अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बढ़ते दबाव और बार-बार मिल रही धमकियों का सामना कर रहा है।
मानवीय संकट पर अंतरराष्ट्रीय अपील
वर्तमान में वामपंथी सरकारों के नेतृत्व वाले तीनों देशों ने 'क्यूबा के लोगों को झेलने पड़ रहे गंभीर मानवीय संकट पर गहरी चिंता' व्यक्त की। इन बढ़ती कठिनाइयों से निपटने के लिए संयुक्त घोषणा में अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संबंधित पक्षों से 'इस स्थिति को कम करने के लिए आवश्यक उपायों को अपनाने' का समर्थन करने का आग्रह किया गया।
संवाद और कूटनीति पर जोर
हालांकि विज्ञप्ति में अमेरिका का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन तीनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार 'ईमानदार और सम्मानजनक संवाद' की वकालत की। बयान में कहा गया कि इस तरह के राजनयिक प्रयासों का उद्देश्य 'वर्तमान स्थिति का स्थायी समाधान खोजना' होना चाहिए।
बार्सिलोना शिखर सम्मेलन में बड़ा फैसला
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ द्वारा बार्सिलोना में आयोजित वामपंथी नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान इस सामूहिक अपील को औपचारिक रूप दिया गया। इस सम्मेलन में मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम और ब्राजील के लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा भी शामिल थे। उन्होंने 'लोकतंत्र की रक्षा' के लिए समन्वित कार्रवाई के आह्वान का समर्थन किया।
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