सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हुए हूति हमलों और तेहरान की आक्रामक बयानबाजी के बाद मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है।
वॉशिंगटन डीसी: सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हुए हमले के बाद यमन में हूतियों के खिलाफ अमेरिकी प्रशासन द्वारा विकल्पों का अध्ययन किए जाने से अशांत मध्य पूर्व में एक नया मोर्चा खुलने के संकेत मिल रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कैंप डेविड में रात भर रुकने के बाद व्हाइट हाउस जल्दी लौट आए। ऐसी खबरें हैं कि राष्ट्रपति के विश्राम स्थल पर उनकी बैठक यमन में संभावित हमलों के विकल्पों पर विचार-विमर्श और समीक्षा करने पर केंद्रित थी।
यमन पर हमले और अमेरिकी दूतावासों के लिए अलर्ट
सीएनएन के राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक एलेक्स प्लिट्सस ने एक पोस्ट में बताया कि उन्हें बताया गया था कि कैंप डेविड में ट्रंप की बैठक का उद्देश्य यमन पर हमले के विकल्पों पर विचार-विमर्श और समीक्षा करना था। उन्होंने आगे कहा कि मध्य पूर्वी देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों को जवाबी हमलों का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए चेतावनी भी जारी की गई है, जैसा कि मैंने कल रात कहा था, मुझे बताया गया था कि कैंप डेविड में अमेरिकी राष्ट्रपति की बैठक यमन पर हमले के विकल्पों पर विचार-विमर्श और समीक्षा के लिए थी। आज मध्य पूर्वी देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने, जिन पर जवाबी हमले होने की संभावना है, चेतावनी जारी की है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति व्हाइट हाउस के लिए जल्दी रवाना हो रहे हैं।
यमन का संकट और सऊदी अरब पर हूति हमले
ट्रंप का वाशिंगटन जल्दी लौटना पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हो रहा है, जिसमें ईरान, यमन और क्षेत्र में अमेरिकी हितों से जुड़े संभावित जवाबी हमलों और सैन्य टकराव को लेकर चिंताएं हैं। यमन से जुड़े तनाव ने क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को और जटिल बना दिया है। सऊदी अरब ने कहा है कि ईरान समर्थित हूति बलों ने बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग करके रियाद पर हमला करने का प्रयास किया, जिसे सऊदी बलों ने नाकाम कर दिया। हूति बलों के अनुसार, उन्होंने संवेदनशील स्थलों को निशाना बनाया था, लेकिन स्थानों का विवरण नहीं दिया। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पहले भी हूतियों से उत्पन्न खतरे के बारे में चेतावनी देते हुए कहा था, अगर हमें यमन के निर्दोष लोगों की सुरक्षा का डर न होता, तो हम एक सप्ताह में यमन पर कब्जा कर लेते और हूतियों का सफाया कर देते।
अमेरिकी सैन्य तैयारियां और मध्य पूर्व में सुरक्षा चेतावनी
सीएनएन ने पहले भी अमेरिकी सैन्य तैयारियों और संभावित हमलों पर चर्चाओं की रिपोर्ट दी है। साथ ही यह भी बताया है कि किसी भी संभावित कार्रवाई का दायरा और समय बदल सकता है। कैंप डेविड में हुई चर्चाओं के बारे में खबरें ऐसे समय में आई हैं जब क्षेत्र में अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने अमेरिकियों को सुरक्षा संबंधी चेतावनी जारी की है। विदेश विभाग का मौजूदा क्षेत्रीय दिशानिर्देश मध्य पूर्व में अमेरिकी नागरिकों को दूतावास और वाणिज्य दूतावासों की चेतावनियों पर नजर रखने के लिए कहता है और चेतावनी देता है कि सुरक्षा माहौल तेजी से बदल सकता है। ये चेतावनियां सऊदी अरब जैसे देशों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, जहां अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के साथ-साथ यमन में ईरान समर्थित हूतियों से भी खतरा बना हुआ है।
ईरान की कड़े तेवर और मध्यस्थता के प्रयास
तेहरान की बयानबाजी में आई तेजी के बाद ये नए घटनाक्रम सामने आए हैं। अल जज़ीरा से बात करते हुए ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेज़ाई ने कहा कि ईरान मध्यस्थ कतर के संपर्क में है। उसने युद्ध समाप्त करने के लिए वाशिंगटन को अपनी शर्तें बता दी हैं। रेज़ाई ने कहा, हम मध्यस्थ कतर के संपर्क में हैं, जिसने युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से हमारी शर्तें वाशिंगटन को बता दी हैं। हम राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। हमारी शर्तें सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति, हमारे जमे हुए धन की रिहाई और नौसैनिक नाकाबंदी की समाप्ति हैं। इन शर्तों को स्वीकार करना वाशिंगटन के हित में है। ट्रंप की धमकियों से कोई परिणाम नहीं निकलेगा। हम निर्णायक युद्ध के लिए तैयार हैं।
सैन्य गतिविधियां और पुष्टि का अभाव
ईरान ने यह भी कहा है कि अगर उसकी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो वह लंबे समय तक चलने वाले टकराव के लिए तैयार है, जबकि ट्रंप प्रशासन कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ सैन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। इस स्थिति के साथ-साथ क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में वृद्धि की खबरें भी आ रही हैं। रूस टुडे ने खबर दी है कि एक अमेरिकी बमवर्षक विमान ब्रिटेन के एक हवाई अड्डे से पश्चिम एशिया के लिए रवाना हुआ है, जबकि ईरान के प्रेस टीवी ने उत्तरपूर्वी सीरिया के अल-हसाका में खारब अल-जिर हवाई अड्डे के पास हवाई रक्षा गतिविधि की सूचना दी है।
वाशिंगटन का अगला कदम और यूएनजीए बैठक
उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन रिपोर्टों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब विश्व नेता संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क में एकत्रित होने की तैयारी कर रहे हैं, जहां पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बने रहने की उम्मीद है। राजनयिक संबंध अभी भी खुले हैं और सैन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में वाशिंगटन के अगले कदम पर नजर बनी हुई है।
(इनपुट: ANI)
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