श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे को एयरबस खरीद में कथित भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया। अदालत ने उन्हें 18 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
कोलंबो (श्रीलंका)। पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच उनके बड़े बेटे नमल राजपक्षे को गिरफ्तार कर लिया गया है। श्रीलंका एयरलाइंस के लिए एयरबस विमानों की खरीद में कथित भ्रष्टाचार के मामले में पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और अदालत ने 18 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। नमल पर आरोप है कि विमान खरीद सौदे में उन्हें करीब आठ लाख अमेरिकी डॉलर का कथित लाभ मिला था।
पांच घंटे पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
अधिकारियों के अनुसार, नमल राजपक्षे (40) को शुक्रवार को भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच करने वाले आयोग (सीआईएबीओसी) के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था। उन्होंने बताया कि आयोग ने पांच घंटे से अधिक समय तक उनसे पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट असंगा एस. बोदेरागामा के समक्ष पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने उन्हें 18 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
एयरबस सौदे में 8 लाख डॉलर के लाभ का आरोप
विपक्षी दल श्रीलंका पोडुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के नेता नमल राजपक्षे से उनके पिता के राष्ट्रपति पद पर रहने के दौरान श्रीलंका एयरलाइंस के लिए बड़े आकार के एयरबस विमानों की खरीद से जुड़े आरोपों के संबंध में पूछताछ की गई। आरोप है कि इस सौदे में नमल को आठ लाख अमेरिकी डॉलर का लाभ मिला और ‘कमीशन’ की रकम विभिन्न बैंक खातों में जमा कराई गई।
राजपक्षे परिवार ने कार्रवाई को बताया साजिश
दो साल पहले नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) सरकार के सत्ता में आने के बाद से राजपक्षे परिवार के किसी सदस्य को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का यह पहला मामला है। नमल राजपक्षे ने उत्तर-मध्य शहर अनुराधापुरा में 12 सितंबर को सरकार के खिलाफ एक बड़ी जनसभा आयोजित करने की योजना का ऐलान किया था। उनकी पार्टी ने आरोप लगाया कि उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजना इस जनसभा को विफल करने और सरकार के खिलाफ उनके अभियान को कुचलने की सुनियोजित साजिश है।
राजपक्षे परिवार के अन्य सदस्य भी आरोपों के घेरे में
नमल राजपक्षे के और भी नजदीकी रिश्तेदार विभिन्न अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है।
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