अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों की कड़ी आलोचना की है, जिनमें दावा किया गया है कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान अमेरिकी सैन्य भंडार में भारी कमी आई है।
वाशिंगटन डीसी [अमेरिका]: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों की कड़ी आलोचना की है, जिनमें दावा किया गया है कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान अमेरिकी सैन्य भंडार में भारी कमी आई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त मात्रा में गोला-बारूद मौजूद है और सैन्य भंडार से जुड़ी जानकारी लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
'लीक करने वालों को होगी लंबी जेल'
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा, "अमेरिका के पास भारी मात्रा में गोला-बारूद है, खासकर कुछ खास प्रकार के। जरूरत के मुताबिक बड़े पैमाने पर गोला-बारूद का निर्माण भी किया जा रहा है। इन देशद्रोही बयानों को लीक करने वालों की तलाश की जा रही है और उन्हें लंबी जेल की सजा दिलाई जाएगी।"
CNN रिपोर्ट में क्या कहा गया?
ट्रंप की यह प्रतिक्रिया CNN की उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें कई सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि ईरान के साथ संघर्ष के बाद अमेरिकी सैन्य कमांडरों ने कुछ गोला-बारूद, विशेष रूप से वायु रक्षा इंटरसेप्टर मिसाइलों के बेहद कम भंडार को लेकर चिंता जताई थी।
THAAD और पैट्रियट मिसाइलों के भंडार पर चिंता
रिपोर्ट के अनुसार, नवीनतम सैन्य आकलन में दावा किया गया कि अमेरिका ने युद्ध-पूर्व स्तर की तुलना में अपने टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) मिसाइल भंडार का लगभग 80 प्रतिशत और पैट्रियट इंटरसेप्टर का करीब आधा हिस्सा संघर्ष के दौरान इस्तेमाल कर लिया। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के अनुमान के मुताबिक, युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका के पास लगभग 452 THAAD मिसाइलें और करीब 2,200 आधुनिक पैट्रियट इंटरसेप्टर मौजूद थे।
खाड़ी देशों में भी बढ़ी चिंता
CNN के अनुसार, अमेरिकी वायु रक्षा प्रणालियों के कम होते भंडार को लेकर खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों का मानना है कि यदि ईरान की ओर से मिसाइल या ड्रोन हमले होते हैं, तो अमेरिकी रक्षा प्रणालियों की सीमित उपलब्धता उनके जवाबी क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
ट्रंप ने पहले भी किया था इनकार
ट्रंप इससे पहले भी सैन्य भंडार में कमी की खबरों को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल से बातचीत में कहा था, "हमारे पास दुनिया के किसी भी देश से कहीं अधिक गोला-बारूद है और हमारी जरूरत से भी ज्यादा है।" हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि गोला-बारूद के घटते स्तर ने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई को लेकर ट्रंप प्रशासन के फैसलों को प्रभावित किया।
(एएनआई)
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