अमेरिका ने ईरान से जुड़े उगाही नेटवर्क पर नए प्रतिबंध की घोषणा की है। उस पर आरोप है कि अमेरिकी कंपनियों के नाम पर धोखाधड़ी कर ईरान के लिए संवेदनशील प्रोद्योगिकी हासिल की है।
वाशिंगटन (अमेरिका)। अमेरिका ने ईरान से जुड़े उगाही नेटवर्क पर नए प्रतिबंध की घोषणा की है। उस पर आरोप है कि वह अमेरिकी कंपनियों के नाम पर धोखाधड़ी कर ईरान के रक्षा सेक्टर के लिए संवेदनशील प्रोद्योगिकी हासिल की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के 'ब्यूरो ऑफ नियर ईस्टर्न अफेयर्स' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी साझा की है।
ईरानी रक्षा मंत्रालय के लिए काम कर रहा था नेटवर्क
साझा किए गए बयान के मुताबिक, यह नेटवर्क ईरान के रक्षा और सशस्त्र बल रसद मंत्रालय (MODAFL) के लिए काम कर रहा था। प्रतिबंधों का सीधा निशाना उन लोगों और संस्थाओं पर है, जिन्होंने अमेरिकी कंपनियों को झांसा देकर यह संवेदनशील तकनीक हासिल की।
एडवांस्ड उपकरणों की खरीद और लाखों डॉलर की ठगी
अमेरिकी विदेश विभाग के एक बयान में कहा गया कि इस नेटवर्क ने दर्जनों अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों को धोखा देकर और उनकी पहचान का इस्तेमाल कर लाखों डॉलर की ठगी की, ताकि ईरान के रक्षा क्षेत्र के लिए स्पेक्ट्रम विश्लेषक और सुरक्षा पहचान उपकरणों सहित उन्नत उपकरण हासिल किए जा सकें।
मास्टरमाइंड की पहचान और इनाम का बड़ा ऐलान
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि इस नेटवर्क का नेतृत्व ईरान स्थित अली मजद सेपेहर कर रहे थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और उसकी विभिन्न शाखाओं के वित्तीय तंत्र को बाधित करने वाली किसी भी जानकारी के लिए 15 मिलियन डॉलर के इनाम की घोषणा की।
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