रूसी वैज्ञानिकों के हवाले से दूतावास ने बताया कि यह टीका कांगो में फैले प्रकोप से जुड़े दुर्लभ बुंदीबुग्यो स्ट्रेन (Bundibugyo strain) के खिलाफ भी सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
मॉस्को (रूस )। दक्षिण अफ्रीका में रूसी दूतावास ने कहा है कि रूसी वैज्ञानिकों ने इबोला वायरस के नए स्ट्रेन (प्रकार) के खिलाफ एक टीका विकसित कर लिया है। दूतावास के अनुसार, यह घोषणा रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने की है।
रूसी वैज्ञानिकों के हवाले से दूतावास ने बताया कि यह टीका कांगो में फैले प्रकोप से जुड़े दुर्लभ बुंदीबुग्यो स्ट्रेन (Bundibugyo strain) के खिलाफ भी सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
वैश्विक आपातकाल की घोषणा
इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (IHR), 2005 के तहत, 17 मई को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला बीमारी के प्रकोप को देखते हुए इसे 'अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' (PHEIC) घोषित किया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) ने भी आधिकारिक तौर पर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा को प्रभावित करने वाले बुंदीबुग्यो स्ट्रेन इबोला वायरस रोग के मौजूदा प्रकोप को 'महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' (PHECS) घोषित किया है।
यात्रा और निगरानी को लेकर दिशा-निर्देश
इसके अलावा, WHO की IHR आपातकालीन समिति ने 22 मई को प्रवेश बिंदुओं (Points of Entry) पर बीमारी की निगरानी मजबूत करने के लिए अस्थायी सिफारिशें जारी की हैं। इसका उद्देश्य उन यात्रियों की पहचान, मूल्यांकन, रिपोर्ट और प्रबंधन करना है जो बुंदीबुग्यो वायरस प्रभावित क्षेत्रों से आ रहे हैं और जिन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के बुखार है। साथ ही, समिति ने प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा न करने की भी सलाह दी है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा की सीमा से लगे देशों, जिनमें दक्षिण सूडान भी शामिल है, में इस बीमारी के फैलने का जोखिम बहुत अधिक माना गया है।
बुंदीबुग्यो स्ट्रेन क्या है? इबोला बीमारी एक गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार (viral haemorrhagic fever) है जो इबोला वायरस के बुंदीबुग्यो स्ट्रेन के संक्रमण के कारण होती है। यह एक घातक बीमारी है जिसमें मृत्यु दर काफी अधिक होती है। वर्तमान में, बुंदीबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण होने वाली इबोला बीमारी को रोकने या इलाज करने के लिए कोई भी टीका या विशेष उपचार स्वीकृत नहीं है
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