आटोमोबाइल सेक्टर में दोपहिया वाहन निर्माताओं ने निर्यात के मोर्चे पर हाल में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
मुंबई। आटोमोबाइल सेक्टर में दोपहिया वाहन निर्माताओं ने निर्यात के मोर्चे पर हाल में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय दोपहिया वाहनों का निर्यात शानदार रिकवरी के साथ बढ़ रहा है।
नए बाजारों में अवसर
अमेरिका द्वारा भारत पर लगाये गये टैरिफ के बाद भारतीय आटो कंपनियाँ को लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया से दोपहिया वाहनों के अच्छे आर्डर मिले। बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर ने निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कुछ क्षेत्रों में अस्थिरता के बावजूद, समग्र निर्यात में वृद्धि दर्ज की जा रही है, जो भारतीय वाहनों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करती है। मोटरसाइकिल का निर्यात 27% और स्कूटर का 8% बढ़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 (जनवरी 2026 तक) में दोपहिया निर्यात में 24% से अधिक की वृद्धि (लगभग 49.4 लाख यूनिट) दर्ज की गई है, जिसमें मोटरसाइकिल (27% वृद्धि) प्रमुख रही है। इस दौरान लैटिन अमेरिका और अफ्रीका जैसे प्रमुख बाजारों में मांग में मजबूती देखी गई है। भारत ने वित्त वर्ष 2025 (अप्रैल-जनवरी) में, भारत ने 49.4 लाख से अधिक दोपहिया वाहनों का निर्यात किया जो पिछले वर्ष की तुलना में 24% अधिक है।
बाज़ार में देखी गई अस्थिरता
दोपहिया वाहनों के निर्यात में तेजी के बावजूद अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में देश के दोपहिया वाहन निर्यात की राह में स्पष्ट अंतर देखने को मिला। जहां कुछ विनिर्माताओं ने विदेशी बाजारों में अपनी बिक्री में फिर से वृद्धि दर्ज की, वहीं अन्य अब भी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चित और अस्थिर मांग से जूझ रहे हैं। इससे अधूरे और खास बाजार वाले सुधार का पता चलता है।
विदेशी निवेश और दीर्घकालिक योजना
प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक अनुराग सिंह ने कहा, 'निर्यात से इतर भी भारतीय कंपनियों ने विदेशी संयंत्रों, अंतिम असेंबली परिचालन और वैश्विक साझेदारियों में निवेश किया है, जिससे उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और विश्वसनीयता मजबूत हुई है। अल्पकालिक उतार-चढ़ावों के बावजूद भारत का दोपहिया वाहन उद्योग धीरे-धीरे किसी कम लागत वाले निर्यातक से उभरते बाजारों के लिए विश्वसनीय परिवहन साझेदार के रूप में विकसित हो रहा है।'
तीन साल बाद बजाज ऑटो की बड़ी वापसी
बजाज ऑटो के मामले में निर्यात स्पष्ट रूप से बेहतर उम्मीद के रूप में उभरा। बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने कहा, 'निर्यात ने जोरदार वापसी की है और तीसरी तिमाही में यह 2,00,000 प्रति माह का स्तर पार कर चुका है, जो हम लगभग तीन वर्षों में पहली बार देख रहे हैं।' उन्होंने कहा कि यह सुधार 'पूरे लैटिन अमेरिका में है, जहां कोलंबिया और ब्राजील विशेष रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि अफ्रीका में स्थिति मिलीजुली है।
लगभग 40 प्रतिशत रहा निर्यात का योगदान
बजाज ने कहा कि निर्यात का योदगान कुल बिक्री में लगभग 40 प्रतिशत है और कंपनी 'इस साल डॉलर के लिहाज से अब तक का सबसे अधिक निर्यात राजस्व पैदा करने की राह पर है' और 9 महीने का प्रदर्शन निरंतर रफ्तार दिखा रहा है।
हीरो मोटोकॉर्प का सतर्क रुख
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) के आंकड़ों के अनुसार बजाज के निर्यात में सालाना आधार पर 15.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीने में यह बढ़कर 14.2 लाख वाहन हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 12.3 लाख था। इसके विपरीत हीरो मोटोकॉर्प ने वृद्धि दर्ज करने के बावजूद अधिक सतर्क रुख अपनाया। हीरो मोटोकॉर्प के मुख्य वित्तीय अधिकारी निरंजन गुप्ता ने कहा, 'हमारे वैश्विक कारोबार की बिक्री में इस तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई। लेकिन निर्यात अब भी हमारे समूचे कारोबार का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा है।'
हीरो मोटोकॉर्प का निर्यात बढ़कर हुआ 2,78, 180
सायम के आंकड़ों के अनुसार हीरो मोटोकॉर्प ने वित्त वर्ष 26 की अप्रैल से दिसंबर अवधि के दौरान निर्यात में सालाना आधार पर 48.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और यह एक साल पहले के 1,87,686 की तुलना में बढ़कर 2,78, 180 वाहन हो गया।
टीवीएस मोटर की निरंतर सतर्कता
टीवीएस मोटर कंपनी का प्रबंधन विदेशी बाजार को लेकर लगातार सतर्क है। टीवीएस मोटर कंपनी के प्रबंध निदेशक सुदर्शन वेणु ने कहा, 'अफ्रीका में लगातार अस्थिरता बनी हुई है और कई निर्यात बाजारों में मांग सीमित दिख रही है।' सायम के आंकड़ों के अनुसा टीवीएस मोटर ने वित्त वर्ष 26 की अप्रैल से दिसंबर की अवधि के दौरान अपने निर्यात में सालाना आधार पर 34.7 प्रतिशत की वृद्धि देखी और यह पिछले साल के 7,77,622 के मुकाबले बढ़कर 10.5 वाहन लाख हो गया।
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