RBI के सितंबर 2026 रूरल कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे के मुताबिक महंगाई बढ़ने के बावजूद ग्रामीण परिवार अगले एक साल में आर्थिक स्थिति सुधरने को लेकर आशान्वित हैं।
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा 'ग्रामीण उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण' (Rural Consumer Confidence Survey) के अनुसार, बढ़ती महंगाई की चिंताओं के बावजूद देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाके अगले एक साल में अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर आशान्वित हैं। हालांकि, सितंबर 2026 के दौरान उपभोक्ता भरोसे में मामूली नरमी देखने को मिली है, लेकिन भविष्य की उम्मीदों को दर्शाने वाला सूचकांक अब भी सकारात्मक दायरे में बना हुआ है।
खर्च को छोड़कर ज्यादातर पैमानों पर नरमी
रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 के इस सर्वे में खर्च करने के पैटर्न को छोड़कर लगभग सभी आर्थिक पैमानों पर कंज्यूमर सेंटीमेंट में थोड़ी नरमी आई है। इसके चलते वर्तमान आर्थिक स्थिति को दर्शाने वाला 'करंट सिचुएशन इंडेक्स' (CSI) घटकर 90.6 के स्तर पर आ गया है।
भविष्य को लेकर कायम है उम्मीद: FEI 112.8 पर
भविष्य की आर्थिक स्थिति का आकलन करने वाला 'फ्यूचर एक्सपेक्टेशन्स इंडेक्स' (FEI) अब भी सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि, पिछले सर्वे राउंड की तुलना में इसमें थोड़ी गिरावट आई है और यह 112.8 पर दर्ज किया गया। FEI एक ऐसा वित्तीय संकेतक है जो आने वाले समय में आर्थिक स्थितियों को लेकर आम जनता या कारोबारियों के भरोसे को मापता है।
"आने वाले साल के लिए ग्रामीण परिवारों का दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, हालांकि पिछले सर्वे राउंड के मुकाबले इसमें मामूली नरमी के साथ FEI 112.8 रहा।" — भारतीय रिजर्व बैंक
ग्रामीण भारत में बढ़ी महंगाई की चिंता
सर्वे में ग्रामीण इलाकों में महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं का स्पष्ट असर दिखा है। ग्रामीण परिवारों के बीच वर्तमान महंगाई की धारणा 70 बेसिस पॉइंट्स (0.70%) बढ़कर 6.8 प्रतिशत पर पहुंच गई है। वहीं, अगले एक साल के लिए महंगाई की आशंका/उम्मीद में भी 50 बेसिस पॉइंट्स (0.50%) का इजाफा हुआ है और यह बढ़कर 7.9 प्रतिशत हो गई है।
"इस सर्वे राउंड में ग्रामीण परिवारों के बीच मौजूदा महंगाई की सोच और अगले साल के लिए महंगाई की उम्मीदें क्रमशः 70 बेसिस पॉइंट्स और 50 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 6.8 प्रतिशत और 7.9 प्रतिशत हो गईं।" — RBI सर्वे रिपोर्ट
देशभर के 8,799 लोगों से ली गई राय
RBI का यह द्विमासिक (Bi-monthly) सर्वे 10 सितंबर से 20 सितंबर 2026 के बीच आयोजित किया गया था। इसमें भारत के सभी राज्यों और तीन प्रमुख केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों के 8,799 उत्तरदाताओं (Respondents) को शामिल किया गया।
किन पैमानों पर हुआ सर्वेक्षण?
यह सर्वेक्षण एक साल पहले की तुलना में वर्तमान आर्थिक स्थिति और आने वाले साल के लिए लोगों की अपेक्षाओं को मापता है। इसमें मुख्य रूप से सामान्य आर्थिक स्थिति, रोजगार के अवसर, कुल मूल्य स्तर (महंगाई), पारिवारिक आय और खर्च के तरीकों का गहन आकलन किया जाता है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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