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FII निकासी से सेंसेक्स 243 अंक टूटा

FII निकासी और महंगे कच्चे तेल का असर, सेंसेक्स 243 अंक और निफ्टी 64 अंक टूटा

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के दबाव के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुआ।

fii निकासी और महंगे कच्चे तेल का असर सेंसेक्स 243 अंक और निफ्टी 64 अंक टूटा

Sensex Falls 243 Points, Nifty Drops 64 Amid FII Outflows |

मुंबई: विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के दबाव के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। आईपीओ के जरिए तेजी से हो रही फंड जुटाने की प्रक्रिया से बाजार में उपलब्ध तरलता पर भी दबाव बढ़ा।

सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट

कारोबार के अंत में निफ्टी 50 64.05 अंक यानी 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ। वहीं बीएसई सेंसेक्स 242.65 अंक यानी 0.33 प्रतिशत टूटकर 72,529.07 पर पहुंच गया। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार निकासी से घरेलू बाजार पर दबाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इन कारकों के चलते रुपये पर भी दबाव बढ़ रहा है।

IPO से तरलता पर असर

विनोद नायर ने कहा कि आईपीओ के जरिए तेजी से जुटाई जा रही पूंजी बाजार की अतिरिक्त तरलता को सोख रही है। साथ ही वैश्विक स्तर पर अनिश्चित माहौल और साल के अंत में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है।

IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा गिरावट

NSE के सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी IT 1.56 प्रतिशत गिरकर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा। वहीं निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.14 प्रतिशत टूटा। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी में 1.25 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 0.83 प्रतिशत और निफ्टी FMCG में 0.88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.13 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.49 प्रतिशत गिरा। दूसरी ओर, निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मेटल और निफ्टी मीडिया में तेजी देखने को मिली।

105 डॉलर प्रति बैरल के करीब ब्रेंट क्रूड

कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.47 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ करीब 105 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रही। गिरावट के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय के औसत की तुलना में ऊंची बनी हुई हैं। इससे महंगाई और कंपनियों की लागत को लेकर चिंता बनी हुई है।

एशियाई बाजार भी दबाव में

एशिया के प्रमुख बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 1.43 प्रतिशत, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.25 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.73 प्रतिशत, ताइवान का भारित सूचकांक 0.82 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.28 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। हेज्ड डॉट इन के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (HNI और डेरिवेटिव्स) रियांक अरोड़ा ने बाजार की गिरावट को सामान्य मुनाफावसूली बताया और कहा कि प्रमुख सपोर्ट स्तर बरकरार रहने पर इसे रुझान में बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

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