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कच्चे तेल की तेजी से बाजार में गिरावट

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1,248 अंक और निफ्टी 384 अंक टूटा

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और बिकवाली के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1248 अंक लुढ़ककर 73,580 पर बंद हुआ, जानें बाजार की पूरी स्थिति।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार धड़ाम सेंसेक्स 1248 अंक और निफ्टी 384 अंक टूटा

Crude oil surge weighs on Indian markets (Representative image) |

मुंबई (महाराष्ट्र)। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को तेज गिरावट आई और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,248 अंक लुढ़क गया। वहीं एनएसई निफ्टी 384 अंक के नुकसान में रहा। विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल के दाम में तेजी के साथ वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज और बैंक शेयरों में बिकवाली से बाजार धारणा कमजोर हुई।

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,247.71 अंक यानी 1.67 प्रतिशत टूटकर 73,580.54 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 1,264.33 अंक की गिरावट के साथ 73,563.92 अंक तक आ गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 383.70 अंक यानी 1.64 प्रतिशत लुढ़क कर 23,063.10 अंक पर बंद हुआ।

29 सेंसेक्स शेयरों में रही जोरदार बिकवाली

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 29 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। बजाज फाइनेंस में सबसे अधिक 5.47 प्रतिशत, एक्सिस बैंक में 4.67 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व में 4.06 प्रतिशत, इंटरग्लोब एविएशन में 2.78 प्रतिशत, ट्रेंट में 2.75 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.31 प्रतिशत की गिरावट रही। एनटीपीसी का शेयर अपरिवर्तित रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 2.36 प्रतिशत चढ़कर 105.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बॉन्ड यील्ड और तेल की तेजी ने बढ़ाया दबाव

ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा, "घरेलू शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी-50 और सेंसेक्स दोनों में 1.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। बाजार में कमजोर शुरुआत के बाद पूरे कारोबारी सत्र में गिरावट का सिलसिला जारी रहा।" उन्होंने कहा कि वैश्विक बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। पूरे कारोबारी सत्र में बिकवाली का दबाव बना रहा।

एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी कमजोरी

एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की बढ़त में बंद हुआ, जबकि चीन में शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को नुकसान के साथ बंद हुए थे।

इस बीच, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लि. का शेयर बृहस्पतिवार को अपने पहले कारोबारी दिन में करीब दो प्रतिशत बढ़कर 1,818 रुपये पर बंद हुआ। इसके साथ एनएसई का बाजार मूल्यांकन 4.49 लाख करोड़ रुपये रहा।

निवेशकों के सतर्क रुख की वजह

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "बॉण्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी से बाजार पर दबाव रहा। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े बढ़ते जोखिम को बताता है। मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच ब्याज दर की दिशा को लेकर चिंता बढ़ने से निवेशकों ने जोखिम से बचने का रुख अपनाया।"

एफआईआई ने बुधवार को की थी खरीदारी

उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर कमीशन ढांचे की नियामकीय समीक्षा और उसके मुनाफे पर संभावित असर को लेकर चिंता के कारण बीमा और बैंक शेयर कमजोर रहे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,617.45 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे थे। सेंसेक्स बुधवार को 299.17 अंक बढ़कर 74,828.25 अंक पर और निफ्टी 117.80 अंक की तेजी के साथ 23,446.80 अंक पर बंद हुआ था।

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