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SIR प्रक्रिया पर प्रकाश राज का विरोध

प्रकाश राज ने SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल, मतदाता सूची से नाम हटने का जताया डर

अभिनेता प्रकाश राज ने अपनी मतदाता स्थिति में बदलाव और SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने फॉर्म 6 भरने से इनकार करते हुए जवाब न मिलने पर विरोध की चेतावनी दी।

प्रकाश राज ने sir प्रक्रिया पर उठाए सवाल मतदाता सूची से नाम हटने का जताया डर

Prakash Raj Seeks Answers From Election Commission (File Photo) |

बेंगलुरु: अभिनेता-फिल्म निर्माता प्रकाश राज ने शुक्रवार को चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उनकी मतदाता स्थिति को स्थायी रूप से स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें अपना नाम बहाल करने के लिए फॉर्म 6 जमा करने को कहा गया। 

चुनाव आयोग ने सुधार का दिया आश्वासन

प्रकाश राज ने बताया कि उनके द्वारा यह मुद्दा उठाने के बाद चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया और उन्हें सूचित किया कि स्थिति को ठीक कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाद में स्थिति को स्थायी रूप से स्थानांतरित से बदलकर स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उनका नाम हटाया नहीं गया है। वे फॉर्म 6 जमा कर सकते हैं। 

प्रकाश राज ने फॉर्म 6 की जरूरत पर उठाए सवाल

हालांकि, उन्होंने फॉर्म 6 जमा करने की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा करने का मतलब यह स्वीकार करना होगा कि उनका नाम हटा दिया गया है। प्रकाश राज ने कहा, "मैंने कहा, 'मुझे फॉर्म 6 की क्या जरूरत है? अगर मैं हस्ताक्षर करके आपको फॉर्म 6 देता हूं, तो इसका मतलब है कि मैं स्वीकार करता हूं कि आपने मेरा नाम हटा दिया है। अभिनेता ने दावा किया कि उन्होंने इसके बजाय फॉर्म 8 जमा किया, लेकिन आरोप लगाया कि इसे स्वीकार नहीं किया गया। 

प्रकाश राज ने चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल

राज ने कहा कि चुनाव आयोग का कहना है कि उन्हें फॉर्म 6 जमा करना चाहिए, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे।
मैं फॉर्म 6 नहीं भरूंगा। मैं शुरुआत से शुरू करूंगा, उन्होंने कहा, उन्होंने बताया कि जब उन्होंने यह मुद्दा उठाया, तो चुनाव आयोग ने उनके पुराने निवास पर बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) भेजने का फैसला किया। आप बीएलओ क्यों भेजेंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम से प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं। इससे पता चलता है कि दाल में कुछ काला है। भाई," 

प्रकाश राज ने जवाब न मिलने पर विरोध की चेतावनी दी

उन्होंने कहा कि उन्होंने मीडिया के माध्यम से चुनाव आयोग से संपर्क किया है। आगे की कार्रवाई तय करने से पहले जवाब का इंतजार करेंगे।
हम एक-दो दिन इंतजार करेंगे। अगर वे जवाब नहीं देते, तो हम विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। तब पूरा राज्य, पूरा देश एकजुट हो जाएगा, क्योंकि आज जवाबदेही का सवाल है। कई मतदाता पहचान पत्रों के आरोपों पर राज ने कहा कि यह मामला 2018 का है और दावा किया कि उन्होंने पहले चुनाव आयोग को सूचित किया था कि उनके पास चेन्नई में एक मतदाता पहचान पत्र है, जहां वे लगभग 20 वर्षों से रह रहे हैं।

प्रकाश राज ने फर्जी वोटर एंट्री पर कार्रवाई का किया दावा

अभिनेता ने कहा कि बाद में उन्होंने किसी अन्य स्थान पर मतदाता पहचान पत्र के लिए आवेदन करने के बाद चेन्नई में अपना मतदाता पंजीकरण रद्द करने के लिए फॉर्म 7 जमा किया था। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग ने बाद में मामले की जांच की और उन्हें सूचित किया कि अन्य प्रविष्टियां फर्जी थीं। उन्होंने आगे दावा किया कि अदालत में पेश किए गए पत्राचार से पता चलता है कि चुनाव आयोग ने 2019 में निर्देश दिया था कि केवल उनका एक वोट ही रिकॉर्ड में रहना चाहिए।

मुझे अपना वोट खोने का डर: राज

राज ने आरोप लगाया, दुख की बात यह है कि मैंने अपना एकमात्र वोट खो दिया है। राज ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने शुरू से ही इसका विरोध किया था और मतदाता सत्यापन के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि अब चिंताओं को उठाने और प्रक्रिया में मौजूद समस्याओं के खिलाफ लड़ने के लिए पर्याप्त समय है। अभिनेता ने कहा, मुझे इस बात में कोई दिलचस्पी नहीं है कि यह राज्य सरकार को करना है या केंद्र सरकार को। चुनाव आयोग केंद्र सरकार के अधीन काम करता है। इसलिए यह उनकी राजनीति है, उनका एजेंडा है।

प्रकाश राज ने SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल

इससे पहले, X पर एक वीडियो पोस्ट में प्रकाश राज ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि कुछ खास मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने लिखा, आप कुछ नागरिकों के मतदान अधिकारों को चुनकर नकार सकते हैं, जो शायद आपको दोबारा सत्ता में न लाएं, लेकिन क्या आप हमें अंततः आपको सत्ता से बेदखल करने से रोक सकते हैं? प्रकाश राज ने आरोप लगाया
कि संशोधन प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को साफ करना नहीं, बल्कि सत्ताधारी व्यवस्था की आलोचना करने वाले मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करना है।

प्रकाश राज ने SIR से मताधिकार प्रभावित होने का किया दावा

उन्होंने दावा किया कि मतदान करने और चुनाव में भाग लेने के अधिकार को एसआईआर के माध्यम से छीना जा रहा है। साथ ही जोर देते हुए कहा कि नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे। विपक्षी दलों और कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है कि एसआईआर के परिणामस्वरूप गलत तरीके से नाम हटाए जा सकते हैं, जिससे विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों, छात्रों और हाशिए पर रहने वाले समुदायों पर असर पड़ेगा। चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया नियमित है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को स्वच्छ और सटीक बनाए रखना है। 

(इनपुट: ANI)

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