फिल्म निर्माता राजकुमार संतोषी ने गुरुवार शाम अपनी फिल्म 'बटवारा 1947' की विशेष स्क्रीनिंग विभिन्न धर्मों के आध्यात्मिक नेताओं के लिए आयोजित की।
मुंबई: फिल्म निर्माता राजकुमार संतोषी ने गुरुवार शाम अपनी फिल्म 'बटवारा 1947' की विशेष स्क्रीनिंग विभिन्न धर्मों के आध्यात्मिक नेताओं के लिए आयोजित की। स्क्रीनिंग के बाद संतोषी ने बताया कि फिल्म ने धर्मगुरुओं को भावुक कर दिया और उन्होंने इसे बेहद महत्वपूर्ण फिल्म बताया।
मुफ्ती साहब ने फिल्म को बताया महत्वपूर्ण
संतोषी ने बताया कि उनके मित्र ओमाजी फिल्म देखने वाले शुरुआती लोगों में शामिल थे। फिल्म से प्रभावित होने के बाद उन्होंने मुफ्ती साहब से इसकी कहानी साझा की। इसके बाद मुफ्ती साहब ने फिल्म देखने की इच्छा जताई। फिल्म देखने के बाद वह काफी भावुक हुए और उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण फिल्म बताया। राजकुमार संतोषी ने बताया कि फिल्म देखने के बाद मुफ्ती साहब ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण फिल्म है। उन्होंने फिल्म बनाने के लिए संतोषी की तारीफ करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसी फिल्म बनाना साहस का काम है।
मुंबई के दर्शकों को भी पसंद आई फिल्म
सनी देओल अभिनीत 'बटवारा 1947' को मुंबई के दर्शकों से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। कई दर्शकों ने फिल्म की देशभक्ति की भावना, विभाजन की कहानी और कलाकारों के अभिनय की सराहना की। खास तौर पर सनी देओल, प्रीति जिंटा और शबाना आज़मी के अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया।
'विभाजन की मुश्किलों की वास्तविकता दिखाती है फिल्म'
एक दर्शक ने फिल्म को बेहद भावुक और दिल को छू लेने वाली बताया। दर्शक के मुताबिक, फिल्म में विभाजन और आजादी के दौर में आम लोगों को झेलनी पड़ी मुश्किलों की झलक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि फिल्म उस दौर की कठिन परिस्थितियों और लोगों के संघर्ष की वास्तविकता को सामने लाती है।
फिल्म में कई बड़े कलाकार
राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी 'बटवारा 1947' का निर्माण आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले किया गया है। फिल्म में सनी देओल, प्रीति जिंटा, शबाना आज़मी, करण देओल, अली फज़ल और अभिमन्यु सिंह मुख्य भूमिकाओं में हैं।
विभाजन के दौर की कहानी
फिल्म 1947 के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। कहानी एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी हिंसा, डर और जबरन पलायन के कारण पूरी तरह बदल जाती है। फिल्म में उस दौर में साथ रहने वाले अलग-अलग समुदायों के लोगों पर विभाजन के प्रभाव को दिखाया गया है। फिल्म का संगीत एआर रहमान ने तैयार किया है, जबकि इसके गीत जावेद अख्तर ने लिखे हैं।
(एएनआई)
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