प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

कांग्रेस पर बरसीं बांसुरी स्वराज

बांसुरी स्वराज का कांग्रेस पर तीखा हमला, जेएनयू सांसद के यौन उत्पीड़न मामले पर चुप्पी को बताया पाखंड

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस सांसद अकोइजम पर लगे यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों पर शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी को लेकर तीखा हमला बोला और इसे पार्टी का पाखंड करार दिया।

बांसुरी स्वराज का कांग्रेस पर तीखा हमला जेएनयू सांसद के यौन उत्पीड़न मामले पर चुप्पी को बताया पाखंड

Bharatiya Janata Party (BJP) MP Bansuri Swaraj |

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद बांसुरी स्वराज ने रविवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कांग्रेस के लोकसभा सांसद और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर महिला छात्राओं द्वारा यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, और 9 अक्टूबर से लेकर अब तक कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा इस पर पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी गई है।

रूह कंपा देने वाले खुलासे

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सांसद बांसुरी स्वराज ने इन खुलासों को "रूह कंपा देने वाला" करार दिया और महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण को लेकर कांग्रेस के पाखंड पर कड़ा प्रहार किया।

स्वराज ने कहा, "मीडिया सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों से जो आरोप सामने आए हैं, वे रूह कंपा देने वाले हैं; वे इंसान की आत्मा को झकझोर देते हैं। मैं आपके सामने उन आरोपों का विवरण रखना चाहती हूं जो सामने आए हैं। कांग्रेस सांसद, जो JNU में प्रोफेसर थे, ने मूल्यांकन (असेसमेंट) के दौरान महिला छात्राओं से यौन रूप से अनुचित सवाल पूछे। यह आरोप है कि उन्होंने JNU में महिला छात्राओं के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क किया।"

अजीब वक्त पर अनैतिक मूल्यांकन

आरोप यहीं खत्म नहीं होते; भाजपा सांसद ने दावा किया कि छात्राओं के अकादमिक मूल्यांकन बेहद अनैतिक तरीके से और असामान्य समय पर सांसद के आवास पर कराए जाते थे।

उन्होंने आगे कहा, "इतना ही नहीं, मीडिया रिपोर्टों से यह आरोप भी सामने आया है कि यह कांग्रेस सांसद इन महिला छात्राओं को अकादमिक मूल्यांकन के लिए देर रात अपने घर बुलाते थे। उन्होंने रात 11:40 बजे तक एक मौखिक परीक्षा (वाइवा) ली! और सिर्फ इतना ही नहीं—कक्षा के भीतर यौन रूप से अश्लील आचरण के आरोप भी प्रकाश में आए हैं। ये सभी बेहद गंभीर और संगीन आरोप हैं।"

राहुल गांधी और नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए बांसुरी स्वराज ने सवाल उठाया कि क्या महिलाओं से जुड़े नारे और पितृसत्ता के खिलाफ लड़ाई केवल कांग्रेस के लिए राजनीतिक हथकंडा और कोरे नारे हैं।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "आज, आप सभी के माध्यम से, मैं राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहती हूं: मामला क्या है? क्या 'पितृसत्ता को खत्म करो' (Smash the patriarchy) आपके लिए केवल और विशेष रूप से राजनीतिक बयानबाजी है- सिर्फ एक राजनीतिक हथकंडा? ऐसा लगता है कि इस घटना के माध्यम से कांग्रेस का पाखंड सामने आ रहा है। कांग्रेस पार्टी के लिए, नारीवाद केवल एक हैशटैग से शुरू होता है और जवाबदेही की दहलीज पर ही खत्म हो जाता है।"

कांग्रेस नेतृत्व की सामूहिक खामोशी पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, "हैरानी की बात यह है कि भले ही ये आरोप मई में सामने आए थे, लेकिन 9 अक्टूबर से लेकर अब तक कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, यानी खुद राहुल गांधी ने चुप्पी साधे रखी है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कुछ नहीं कहा, प्रियंका गांधी जी ने कुछ नहीं कहा और सोनिया गांधी ने भी इस पर एक शब्द नहीं बोला है।"

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "मैं राहुल गांधी को चुनौती देती हूं: अगर आप सच में 'पितृसत्ता को खत्म' करना चाहते हैं, तो इन 11 महिला स्टूडेंट्स के साथ खड़े हों और अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।"
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

यह भी पढ़ें: राहुल गांधी का बड़ा ऐलान, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 12 अक्टूबर को फिर सड़कों पर उतरेगा इंडिया गठबंधन

Related to this topic: