पश्चिम बंगाल में भाजपा सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर हुए हमले के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है।TMC और भाजपा को एक-दूसरे पर आरोप लगाने के लिए कटघरे में खड़ा कर दिया है
भाजपा सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर हमले की घटना को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच एक दूसरे को कटघरे में खड़ा करने की राजनीति शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को सिलीगुडी अस्पताल में जाकर सांसद मुर्मू से मुलाकात की और हालचाल पूछा। उन्होंने विधायक घोष से मुलाकात नहीं की। विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री बनर्जी की सांसद से मुलाकात को राजनीतिक नाटक बताया और घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अभी तक हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया गया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर भाजपा सांसद और विधायक पर हमला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की हिंसा की राजनीति का लगातार विरोध करेगी।
ममता बनर्जी उत्तर बंगाल के बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इकालों के सोमवार से दौरे पर हैं । इस प्राकृतिक विपदा में हुई जानमाल की क्षति का आकलन नहीं किया जा सका है। विपदा में मॅऋत व्यक्तियों की संख्या पचास तक पहुंच गई है । मुख्यमंत्री मृत व्यक्तियों के परिवार को पांच पांच लाख रुपये और परिवार के एक एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान कर चुकी हैं ।
घटना के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने बचाव में कहा है कि मोदी ने अपनी पार्टी के नेताओं की सुन सरकार के विरुद्ध बोल रहे है। ऊंचे ओहदे पर बैठे उनकरे शोभा नहीं देता। उन्हें सरकार से रिपोर्ट लेने के बाद बयान देना चाहिए । प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से एक दूसरे के खिलाफ बयान से उनकी पार्टियों के नेताओं के बीच एक दूसरे खिलाफ बोलने की होड़ लग गई है।