बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी और विपक्ष पर देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासी उनकी साजिशों को नाकाम कर देंगे।
नई दिल्ली। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के विरोध में सीजेपी (CJP) द्वारा आज विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
आतंकवाद और नक्सलवाद के खात्मे का जिक्र
नितिन नवीन ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को डर के माहौल से पूरी तरह बाहर निकाला गया है और आतंकवाद तथा नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए ऐतिहासिक प्रयास किए गए हैं। इसके बावजूद विपक्ष के कुछ नेताओं की सोच 'अर्बन नक्सल' वाली बनी हुई है, जो लगातार देश में अस्थिरता पैदा करने की फिराक में रहते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने राहुल गांधी को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, "राहुल गांधी, आपकी मंशा कभी कामयाब नहीं होगी। भारत के युवा राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, 'INDI अलायंस' के सदस्यों और CJP के तथाकथित युवा नेतृत्व की भाषा को बहुत करीब से देख रहे हैं।"
संवैधानिक मूल्यों और युवा शक्ति पर जोर
बीजेपी अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि देश के युवा भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और संविधान के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। वे किसी भी ऐसे प्रयास को कभी स्वीकार नहीं करेंगे जिससे संवैधानिक ढांचे को चुनौती मिले या देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों का अपमान हो।
उन्होंने आगे कहा, "जिस तरह से आप देश के संवैधानिक ढांचे और लोकतंत्र को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं—और देश के सबसे ऊंचे पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं—उसे भारत के 140 करोड़ नागरिक कभी स्वीकार नहीं करेंगे, और आपको निश्चित रूप से इसके नतीजे भुगतने होंगे। मैं आज आपको साफ चेतावनी देता हूं: जिन विदेशी ताकतों पर आप अपनी बिकाऊ राजनीति के लिए निर्भर हैं—और जिन ताकतों के साथ गठबंधन करके आप भारत को अस्थिर करना चाहते हैं—वे आपके नापाक इरादों को कभी सफल नहीं होने देंगी।"
जनादेश के अपमान का आरोप और राजनीतिक टकराव
नितिन नवीन ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों में लगातार मिल रही चुनावी हार के कारण विपक्षी दल पूरी तरह हताश हो चुके हैं। संविधान की आड़ में लोकतंत्र को चुनौती देना सीधे तौर पर जनता के जनादेश का अपमान है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "झूठ का सहारा लेकर संविधान के नाम पर लोकतंत्र को चुनौती देना जनता के जनादेश का अपमान है। जिस व्यक्ति को देश की जनता ने जनादेश सौंपा है, वही अभी देश का नेतृत्व कर रहा है। अलग-अलग राज्यों में आपकी बार-बार की चुनावी हार और उससे पैदा हुई हताशा से पता चलता है कि आप किसी तरह से नहीं चाहते कि यह देश शांति से आगे बढ़े। हालांकि, मैं आज आपको चेतावनी देता हूं कि बीजेपी और इस देश के देशभक्त नागरिक आपको मुंहतोड़ और कड़ा जवाब देंगे।"
'विकसित भारत' के संकल्प और कड़े रुख की हुंकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नया भारत' बनाने के संकल्प को दोहराते हुए नवीन ने कहा कि देश की सरकार देश में तनाव फैलाने वाली हर साजिश से पूरी तरह सख्ती से निपटेगी।
उन्होंने अंत में कहा, "भारत सरकार तनाव पैदा करने की आपकी कोशिशों से सख्ती से निपटेगी और बीजेपी कार्यकर्ता, जो लगातार लोगों के बीच रहते हैं, आपकी योजनाओं को नाकाम कर देंगे। प्रधानमंत्री 'नए भारत' के निर्माण में जुटे हैं और उन्हें 140 करोड़ नागरिकों का भरोसा हासिल है, इसलिए हम लोगों को भरोसा दिलाते हैं कि हम देश के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि देश शांति और समृद्धि के साथ आगे बढ़े; हम मिलकर 'विकसित भारत' के सपने को साकार करेंगे—जिसके लिए आपने हम पर भरोसा जताया है—और साथ ही ऐसी सभी ताकतों का डटकर मुकाबला करेंगे, चाहे वे देश के भीतर की हों या बाहर की।"
यह तीखा राजनीतिक टकराव ऐसे समय में और गहरा गया है जब विपक्ष और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के बीच 'वोट चोरी' के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष संशोधन को लेकर माहौल गर्माया हुआ है।
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