हाथरस के सांसद अनूप प्रधान के नाम पर कथित फर्जी हस्ताक्षर कर 11 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है।
हाथरस: हाथरस के सांसद अनूप प्रधान के नाम पर कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर कर 11 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। राजकमल प्रकाशन समूह, नई दिल्ली के मुख्य परिचालन अधिकारी मुकेश कुमार ने विमल गौतम के खिलाफ पुलिस अधीक्षक हाथरस से शिकायत कर मुकदमा दर्ज करने और ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की है।
पुस्तक खरीद का ठेका दिलाने के नाम पर 11 लाख रुपये लेने का आरोप
शिकायत के अनुसार, मुकेश कुमार पिछले 17 वर्षों से राजकमल प्रकाशन समूह में कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि 4 अगस्त 2026 को दिल्ली स्थित सांसद अनूप प्रधान के आवास पर मुलाकात के दौरान उनकी पहचान विमल गौतम से हुई थी। वह सांसद निधि से पुस्तक खरीद संबंधी कार्य के सिलसिले में सांसद से मिलने पहुंचे थे। आरोप है कि अगले दिन विमल गौतम ने फोन कर बताया कि सांसद से उनकी बातचीत हो गई है और प्रकाशन समूह को सांसद निधि से पुस्तक खरीद का कार्य मिलने वाला है। इसके बाद 8 अगस्त को सांसद के लेटरहेड के जरिए कार्य दिलाने के बदले 11 लाख रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि सांसद के हस्ताक्षर से अनुशंसा पत्र जारी कराने और उसे ई-साक्षी पोर्टल पर अपलोड करने के आश्वासन पर उन्होंने रकम दे दी।
फर्जी हस्ताक्षर का आरोप
मुकेश कुमार के मुताबिक, 25 अगस्त को विमल गौतम ने व्हाट्सऐप पर पोर्टल पर पत्र अपलोड होने का स्क्रीनशॉट भेजा, जिस पर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद 7 सितंबर को कंपनी के मालिक अशोक माहेश्वरी के साथ सांसद से मुलाकात की गई। शिकायत के अनुसार, तब कथित फर्जी हस्ताक्षरों की जानकारी सामने आई। पीड़ित ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और 11 लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की है। शिकायत के साथ बातचीत के स्क्रीनशॉट और कॉल हिस्ट्री संलग्न करने की बात भी कही गई है। फिलहाल, यह शिकायत में लगाए गए आरोपों का मामला है। पुलिस की जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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