केंद्र सरकार ने बाजार में चावल की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए 2026-27 में OMSS के तहत बिक्री का लक्ष्य 25 लाख टन से बढ़ाकर 50 लाख टन कर दिया है।
नई दिल्ली। भारत सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए ओपन मार्केट सेल स्कीम यानी ओएमएसएस के तहत ई-नीलामी के माध्यम से बिक्री के लिए चावल के लक्ष्य को दोगुना कर दिया है, इसे 25 एलएमटी से बढ़ाकर 50 एलएमटी कर दिया गया है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान ओएमएसएस ई-नीलामी के माध्यम से निजी पार्टियों को कुल 25 एलएमटी चावल बेचा जा चुका है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह आंकड़ा 11 एलएमटी था।
हस्तक्षेप के माध्यम से बाजार में आपूर्ति वृद्धि
मंत्रालय ने कहा कि यह इस हस्तक्षेप के माध्यम से बाजार में आपूर्ति में आई उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। मंत्रालय ने आगे कहा कि ये उपाय देश भर में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, मूल्य स्थिरता बनाए रखने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने की सरकार की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करते हैं। मंत्रालय ने यह भी जोड़ा कि देश भर में, विशेषकर दक्षिणी राज्यों में, भारत चावल की बिक्री और उपलब्धता को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के उद्देश्य से, इसकी अतिरिक्त मात्रा तीन एजेंसियों नेफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार को आवंटित की जा रही है। एजेंसियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे उपभोक्ताओं के लिए भारत चावल की व्यापक पहुंच और आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के वास्ते सभी संभव वितरण चैनलों का पता लगाएं।
धान और चावल पर स्टॉक सीमा लागू करने की सहमति
इस पहल से बाजार में आपूर्ति बढ़ने, किफायती कीमतों पर चावल तक उपभोक्ताओं की पहुंच में सुधार होने और खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। मंत्रालय ने कहा कि उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर, विशेषकर दक्षिणी राज्यों में, चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से, भारत सरकार ने 06.11.2026 के अपने पत्र के माध्यम से आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना की राज्य सरकारों को उचित नियंत्रण आदेशों के माध्यम से धान और चावल पर स्टॉक सीमा लागू करने की अपनी सहमति दे दी है, जहां भी आवश्यक समझा जाए। ये स्टॉक सीमाएं 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेंगी।
06.11.2026 को एक आदेश जारी
केंद्रीय और राज्य सरकारें बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए इन उपायों के कार्यान्वयन पर कड़ी नजर रखेंगी। मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि उसने 06.11.2026 को एक आदेश जारी किया है, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़े चेन रिटेलर्स और प्रोसेसर्स/मिलर्स को चावल और धान की अपनी स्टॉक स्थिति छह श्रेणियों में घोषित करने का निर्देश दिया गया है: बासमती चावल, गैर-बासमती प्रीमियम चावल, गैर-बासमती चावल, उसना (पारबॉइल्ड) चावल, टूटा हुआ चावल और धान।
(इनपुटः ANI)
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