केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राष्ट्रीय युवा आयोग के गठन और पेपर लीक पर छात्रों के खर्च की भरपाई की मांग की। साथ ही 2027 यूपी चुनाव लड़ने का ऐलान किया। पढ़ें पूरी खबर।
पटना (बिहार)। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने देश के युवा विमर्श को एक नई दिशा देने के लिए बड़ा नीतिगत दांव चला है। उन्होंने युवाओं के असंतोष को सकारात्मक दिशा देने के लिए केंद्र में राष्ट्रीय स्तर पर और उत्तर प्रदेश में राज्य स्तर पर युवा आयोग के गठन की पुरजोर मांग उठाई है। इसके साथ ही उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी के उतरने की स्पष्ट घोषणा करके राज्य के राजनीतिक समीकरणों में हलचल पैदा कर दी है।
चिराग ने स्पष्ट किया कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है। जब युवाओं की समस्याओं और विचारों को सुनने के लिए कोई समर्पित मंच उपलब्ध नहीं होता, तो वही उपेक्षा धीरे-धीरे आक्रोश का रूप धारण कर लेती है।
युवा आयोग की संवैधानिक जरूरत
देश के मौजूदा प्रशासनिक ढांचे का उल्लेख करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि जिस तरह महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के संरक्षण के लिए अलग आयोग कार्यरत हैं, उसी तर्ज पर युवाओं के लिए भी मंच होना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि देश की इतनी विशाल आबादी की प्राथमिकताओं को नीतिगत स्तर पर दर्ज करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर युवा आयोग की स्थापना अपरिहार्य है।
उन्होंने इस संदर्भ में बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां राज्य युवा आयोग का प्रयोग एक सफल पहल साबित हुआ है। उसी मॉडल को उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए ताकि युवाओं के सुझाव और शिकायतें सीधे शासन तंत्र तक पहुंच सकें। देश के मौजूदा प्रशासनिक ढांचे का उल्लेख करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि जिस तरह देश में बाल आयोग, महिला आयोग और अल्पसंख्यक आयोग हैं, उसी तर्ज पर युवाओं के लिए भी मंच होना चाहिए।
पेपर लीक और छात्र सुरक्षा
प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था पर बोलते हुए लोजपा प्रमुख ने बार-बार पेपर लीक होने और परीक्षाएं रद्द होने से अभ्यर्थियों को होने वाले गंभीर नुकसान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस ज्वलंत मुद्दे को संसद के पटल पर भी मजबूती से उठा चुकी है।
चिराग पासवान ने परीक्षार्थियों के पक्ष में प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए कहा, "अगर किसी भी गड़बड़ी या लापरवाही के चलते परीक्षा रद्द होती है, तो दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के आने-जाने और रहने का पूरा खर्च संबंधित सरकारी विभाग द्वारा वहन किया जाना चाहिए।"
राजनीतिक समीकरण और टैग्स
उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर पूछे गए सवाल पर चिराग पासवान ने दो टूक रुख अपनाते हुए बड़ा सियासी ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "2027 में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रही है, इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है।"
इस घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। चिराग की यह पहल दर्शाती है कि लोजपा अब बिहार से आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश में छात्र-युवा केंद्रित मुद्दों के जरिए अपना जनाधार विस्तार करने की तैयारी में है।
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