नई दिल्ली: आठ प्रमुख कोर सेक्टरों की वृद्धि दर फरवरी 2026 में घटकर 2.3% रही, जो तीन महीने का निचला स्तर है; जनवरी में यह 4.7% थी।
नई दिल्ली। देश के आठ प्रमुख बुनियादी सेक्टरों में वृद्धि दर में फरवरी माह में गिरावट आयी है। भारत के आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों (Core Sectors) की वृद्धि दर फरवरी 2026 में घटकर 2.3% पर आ गई है जो 3 महीने का सबसे निचला स्तर है। जनवरी में वृद्धि दर 4.7% (संशोधित) रिकार्ड की गयी थी।
तीन महीने के निचले स्तर पर वृद्धि दर
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार समीक्षा अवधि में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गयी। आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर फरवरी महीने में घटकर 2.3 फीसदी रही, जो तीन महीने का निचला स्तर है। पिछले साल इसी महीने में यह 3.4 फीसदी थी। जनवरी में यह वृद्धि दर 4.7 फीसदी रही थी। बुनियादी उद्योगों की वृद्धि अप्रैल से फरवरी के दौरान 2.9 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 4.4 प्रतिशत थी। यह सुस्ती औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में मंदी का संकेत दे रही है।
कच्चे तेल उत्पादन में गिरावट
केन्द्र सरकार की विज्ञप्ति के अनुसार कच्चे तेल का उत्पादन (भार: 8.98 प्रतिशत) फरवरी 2026 में फरवरी 2025 की तुलना में 5.2 प्रतिशत कम हो गया। अप्रैल से फरवरी 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.5 प्रतिशत कम हो गया।
प्राकृतिक गैस उत्पादन भी घटा
प्राकृतिक गैस उत्पादन (भार: 6.88 प्रतिशत) में फरवरी 2026 में फरवरी 2025 की तुलना में 5.0 प्रतिशत की गिरावट आई। अप्रैल से फरवरी 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 3.5 प्रतिशत कम हो गया।
रिफाइनरी उत्पादन में भी कमी
इस बीच, पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादन (भार: 28.04 प्रतिशत) में फरवरी 2026 में फरवरी 2025 की तुलना में 1.0 प्रतिशत की गिरावट आई। अप्रैल से फरवरी 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.1 प्रतिशत कम हुआ।
कोयला उत्पादन में बढ़ोतरी
कोयला उद्योग के लिए, उत्पादन (भार: 10.33 प्रतिशत) फरवरी 2025 की तुलना में फरवरी 2026 में 2.3 प्रतिशत बढ़ा। अप्रैल से फरवरी 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 185.8 पर अपरिवर्तित रहा।
उर्वरक उत्पादन में वृद्धि
फरवरी 2026 में उर्वरक उत्पादन (भार: 2.63 प्रतिशत) में फरवरी 2025 की तुलना में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अप्रैल से फरवरी 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.0 प्रतिशत बढ़ा।
इस्पात और सीमेंट सेक्टर ने संभाला मोर्चा
इस्पात उत्पादन (भार: 17.92 प्रतिशत) में फरवरी 2026 में फरवरी 2025 की तुलना में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अप्रैल से फरवरी 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 9.7 प्रतिशत बढ़ा।
फरवरी 2026 में सीमेंट उत्पादन (भार: 5.37 प्रतिशत) में फरवरी 2025 की तुलना में 9.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अप्रैल से फरवरी 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 9.2 प्रतिशत बढ़ा।
बिजली उत्पादन में मामूली बढ़त
अंत में, फरवरी 2026 में बिजली उत्पादन (भार: 19.85 प्रतिशत) में फरवरी 2025 की तुलना में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अप्रैल से फरवरी 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.9 प्रतिशत बढ़ा।
आर्थिक सुस्ती का संकेत
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, यह गिरावट आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती का संकेत है। कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में पिछले महीने गिरावट आई।
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