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डी वेवर की भारत यात्रा में 10 बड़े समझौते

प्रधानमंत्री डी वेवर की भारत यात्रा में 10 अहम समझौते, व्यापार-तकनीक पर जोर

बेल्जियम पीएम बार्ट डी वेवर की भारत यात्रा में दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और सुरक्षा पर 10 प्रमुख समझौतों की घोषणा की।

प्रधानमंत्री डी वेवर की भारत यात्रा में 10 अहम समझौते व्यापार-तकनीक पर जोर

De Wever India Visit Sees 10 Key Pacts on Trade, Tech |

नई दिल्ली [भारत]:  बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की तीन दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा के दौरान भारत और बेल्जियम ने व्यापार, निवेश, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर जोर देते हुए 10 प्रमुख समझौतों की घोषणा की। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों का मुख्य केंद्र तीन 'टी' यानी ट्रेड (व्यापार), टेक्नोलॉजी (प्रौद्योगिकी) और टैलेंट (प्रतिभा) हैं।

प्रधानमंत्री डी वेवर की भारत यात्रा

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 2 सितंबर को भारत पहुंचे थे। यह उनकी तीन दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी और संपर्क सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

रक्षा सहयोग को मिला नया आधार

यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग को लेकर लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) और बेल्जियन सिक्योरिटी एंड डिफेंस इंडस्ट्री एसोसिएशन (BDSI) तथा सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) किया गया। सिबी जॉर्ज ने कहा कि LOI दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों को एक औपचारिक संस्थागत आधार प्रदान करता है। इसके साथ ही रक्षा और औद्योगिक सहयोग से जुड़ी कई पहलों को अंतिम रूप दिया गया। भारत ने ब्रसेल्स स्थित अपने दूतावास में स्थायी रक्षा अताशे नियुक्त करने की भी घोषणा की।

पांच साल में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

व्यापार और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 13 अरब अमेरिकी डॉलर का है। बेल्जियम के निवेश को आसान बनाने के लिए इन्वेस्टमेंट फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म स्थापित करने पर भी समझौता हुआ। इसके अलावा भारत-बेल्जियम बिजनेस फोरम के माध्यम से दोनों देशों के कारोबारी सहयोग को संस्थागत रूप देने पर सहमति बनी।

निवेश और फिनटेक पर भी चर्चा

दोनों पक्षों ने बेल्जियम के सॉवरेन वेल्थ फंड और भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) के बीच सहयोग की भी समीक्षा की। बैठक में फिनटेक के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच समझौता हुआ। इसमें ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ऑफशोर विंड, बायोएनर्जी, लघु जलविद्युत और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस सहयोग का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करना है।

महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी पर जोर

प्रौद्योगिकी सहयोग के तहत खनन तथा महत्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण, रिफाइनिंग और प्रसंस्करण के क्षेत्रों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की संभावनाओं पर भी विचार किया। बैठक के दौरान पोर्ट ऑफ एंटवर्प के आसपास समुद्री लॉजिस्टिक्स पर भी चर्चा हुई। इसे यूरोप के लिए भारतीय माल ढुलाई के एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में बताया गया।

प्रतिभा और लोगों के बीच संपर्क

दोनों देशों के बीच कुशल पेशेवरों, छात्रों, शोधकर्ताओं और कारोबारी यात्रियों की आवाजाही को भी महत्वपूर्ण मुद्दा माना गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग का स्वागत करते हुए भारत से योग्य नर्सों की बेल्जियम में आवाजाही को सुविधाजनक बनाने पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेल्जियम के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को भारत में अपने कैंपस खोलने के लिए भी आमंत्रित किया।

संगठित अपराध और साइबर अपराध से निपटने पर समझौता

सुरक्षा के क्षेत्र में सीबीआई और बेल्जियन फेडरल पुलिस के बीच अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, साइबर अपराध और इससे जुड़े अन्य मामलों से निपटने के लिए सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन हुआ। दोनों देशों ने कांसुलर संवाद स्थापित करने पर भी सहमति जताई। सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान और बेल्जियम के विदेश मामलों के संघीय विभाग के बीच राजनयिक प्रशिक्षण को लेकर भी समझौता ज्ञापन किया गया। इसका उद्देश्य दोनों देशों के राजनयिक संस्थानों के बीच सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ाना है।

हरित बदलाव और उभरती तकनीक पर चर्चा

दोनों पक्षों ने हरित बदलाव, उभरती तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज तकनीक, स्वास्थ्य सेवा, फार्मा, लाइफ साइंसेज, खाद्य प्रसंस्करण और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग पर चर्चा की। माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर कंपनियों से जुड़े सहयोग की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती प्रौद्योगिकियों और नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।

भारत-ईयू संबंधों पर भी हुई चर्चा

दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी की भी समीक्षा की। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ता सफलतापूर्वक पूरी होने का उल्लेख करते हुए इसके समयबद्ध क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। भारत-ईयू सुरक्षा और रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने पर भी सहमति बनी। इसमें समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग एवं प्रौद्योगिकी, साइबर और हाइब्रिड खतरों, अंतरिक्ष तथा आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रतिबद्धता

बेल्जियम ने पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की। सिबी जॉर्ज ने कहा कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक प्रतिबद्धता को दोहराया और इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद को किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता। दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 सूची में शामिल संस्थाओं, आतंकवादी नेटवर्क, सुरक्षित पनाहगाहों और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल है।

10 प्रमुख समझौतों में कई क्षेत्र शामिल

यात्रा के दौरान घोषित 10 प्रमुख समझौते रक्षा सहयोग, रक्षा उद्योग सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा, सुरक्षा, राजनयिक प्रशिक्षण, रक्षा प्रतिनिधित्व, निवेश सुविधा, द्विपक्षीय व्यापार, व्यावसायिक जुड़ाव और कांसुलर संबंधों को कवर करते हैं। दोनों देशों के बीच हुई यह उच्चस्तरीय वार्ता व्यापार, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा के तीन प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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