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जमानत याचिका पर हाई कोर्ट का फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: सागर धनखड़ हत्याकांड में ओलंपियन सुशील कुमार की जमानत याचिका खारिज

दिल्ली हाई कोर्ट ने सागर धनखड़ हत्याकांड में पहलवान सुशील कुमार की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। जानिए कोर्ट के फैसले, मामले की सुनवाई और सुशील कुमार की कानूनी स्थिति की पूरी जानकारी।

दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला सागर धनखड़ हत्याकांड में ओलंपियन सुशील कुमार की जमानत याचिका खारिज

Delhi High Court (File Photo) |

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार की मई 2021 के सागर धनखड़ हत्याकांड में दायर नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने जमानत याचिका खारिज की। पहलवान सुशील कुमार ने एडवोकेट साहिल मलिक के माध्यम से दिल्ली हाई कोर्ट में बेल अर्जी दी थी। उन्होंने बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए नियमित जमानत की मांग की थी। उनका दावा था कि रोहिणी कोर्ट ने प्रॉसिक्यूशन के सभी महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है।

पहले भी खारिज हो चुकी थी जमानत अर्जी

इससे पहले, 6 फरवरी को रोहिणी कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। निचली अदालत में मृतक के पिता की वकील एडवोकेट जोशिनी तुली ने जमानत याचिका का विरोध किया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने मार्च 2025 में सुशील कुमार को नियमित जमानत दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 13 अगस्त, 2025 को यह कहते हुए जमानत रद्द कर दी थी कि जरूरी गवाहों से अभी पूछताछ होनी बाकी है। इसके बाद उन्होंने 20 अगस्त, 2025 को सरेंडर कर दिया।

वकील ने परिस्थितियां बदलने का दिया हवाला

उनके वकील ने कहा था कि परिस्थितियां काफी हद तक बदल चुकी हैं, क्योंकि सभी महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ हो चुकी है और आरोपी के प्रॉसिक्यूशन के सबूतों पर असर डालने या उनसे छेड़छाड़ करने की कोई गुंजाइश नहीं है। यह भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने सुशील कुमार को हालात बदलने या नए आधार सामने आने पर संबंधित कोर्ट में नई जमानत याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता दी थी।

गवाहों और सबूतों को लेकर दी गई दलील

याचिका के मुताबिक, इस मामले में प्रॉसिक्यूशन के 222 गवाह हैं। इनमें से घायलों समेत 42 जरूरी पब्लिक गवाहों से पहले ही पूछताछ हो चुकी है। यह मामला प्रॉसिक्यूशन के सबूतों की रिकॉर्डिंग के चरण पर है। यह कहा गया है कि सुशील कुमार को ज्यूडिशियल कस्टडी में रखने से कोई फ़ायदा नहीं होगा, वह भी खतरनाक अपराधियों के साथ, और लगातार जेल में रहना उनकी सेहत के लिए और भी नुकसानदायक है।

खेल जगत के चर्चित पहलवान पर गंभीर आरोप

आरोप है कि 4 और 5 मई, 2021 की रात करीब 11:30 बजे, जय भगवान उर्फ ​​सोनू, सागर धनखड़, रविंदर उर्फ ​​बिंदा, भगत उर्फ ​​भगतू और अमित कुमार उर्फ ​​खगड़ को कथित तौर पर शालीमार बाग और मॉडल टाउन से किडनैप करके दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम के पार्किंग एरिया में ले जाया गया, जहां सुशील कुमार और उसके साथियों ने कथित तौर पर उन पर हमला किया। सागर धनखड़ की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। सुशील कुमार को अर्जुन अवॉर्ड (2005), राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड (2009) और पद्म श्री (2011) मिल चुका है।
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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