दिल्ली EOW ने ₹21 करोड़ से अधिक के धोखाधड़ी मामलों में वांछित कुशल समीर मेहता को मुंबई से गिरफ्तार किया। उस पर जाली सरकारी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप है।
नई दिल्ली (भारत)। दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने कथित जालसाजी और धोखाधड़ी के मामलों में वांछित कुशल समीर मेहता को मुंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर सरकारी भुगतान हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों और जाली मंजूरी पत्रों के इस्तेमाल का आरोप है। एक मामले में करीब 18.62 करोड़ रुपये के सरकारी भुगतान की कथित धोखाधड़ी की कोशिश की गई, जबकि दूसरे मामले में अहमदाबाद के एक कारोबारी से 3.12 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाकर चार दिन की कस्टडी हासिल की है और मामले की आगे जांच जारी है।
₹18.62 करोड़ के सरकारी भुगतान की कोशिश का मामला
पुलिस के अनुसार, पहला मामला FIR 109/2022 वित्त मंत्रालय के अधिकारियों की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जाली ट्रेजरी कागजात और नकली मंजूरी पत्रों के जरिए करीब ₹18.62 करोड़ का सरकारी भुगतान धोखाधड़ी से जारी कराने की कोशिश की गई। इनमें M/s एंडीज़ क्रिएशन के लिए ₹7.62 करोड़ और M/s एसेन्ज़ा न्यूट्रिशन प्राइवेट लिमिटेड के लिए ₹11 करोड़ का भुगतान शामिल था। आंतरिक जांच में दस्तावेजों के नकली पाए जाने के बाद दोनों भुगतान रोक दिए गए।
रक्षा और सेना के नकली सप्लाई ऑर्डर का आरोप
जांचकर्ताओं के अनुसार, मेहता ने बैंकों और अन्य लोगों के सामने अपनी व्यावसायिक विश्वसनीयता दिखाने के लिए नकली दस्तावेज तैयार किए और उपलब्ध कराए। इनमें रक्षा और सेना के नकली सप्लाई ऑर्डर भी शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, इन दस्तावेजों का इस्तेमाल उसकी गतिविधियों को विश्वसनीय दिखाने के लिए किया गया था। मामले में सरकारी भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी की गई।
अहमदाबाद के कारोबारी से ₹3.12 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप
दूसरा मामला FIR 118/2025 अहमदाबाद के एक व्यवसायी की शिकायत पर दर्ज किया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि मेहता ने सरकारी संपर्कों का इस्तेमाल कर आधिकारिक काम पूरे कराने और डूबा हुआ पैसा वापस दिलाने का वादा किया। पुलिस के अनुसार, इस प्रक्रिया में उससे अलग-अलग समय पर कुल ₹3.12 करोड़ की धोखाधड़ी की गई। भरोसा जीतने के लिए मेहता ने कथित तौर पर कई जाली दस्तावेज दिए, जिन पर केंद्रीय मंत्रालयों, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), अदालतों और बैंकिंग संस्थानों की नकली मुहरें और लेटरहेड लगे थे।
फोन और लोकेशन डेटा से मेहता तक पहुंची EOW
जब मेहता ने 2022 के मामले से जुड़े अदालती समन और वारंट को बार-बार नजरअंदाज किया, तो EOW की ट्रैकिंग टीम ने फोन रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। जांचकर्ताओं ने गुजरात में उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया। पुलिस के अनुसार, उसकी गतिविधियों में पालिताना, अहमदाबाद और वडोदरा में रुकना शामिल था। इसके बाद जांचकर्ताओं को पता चला कि वह मुंबई जाने वाली ट्रेन में सवार हो गया है।
बोरीवली स्टेशन पर ट्रेन से गिरफ्तार
दिल्ली EOW की टीम ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय रेलवे पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की। 1 अक्टूबर की सुबह बोरीवली स्टेशन पर ट्रेन नंबर 12928 से मेहता को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद मेहता को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया। एक स्थानीय अदालत ने विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस को चार दिन की कस्टडी दी है।
मुंबई के दो अन्य मामलों से भी जुड़ाव
अधिकारियों के मुताबिक, मेहता मुंबई में कम से कम दो अन्य सक्रिय धोखाधड़ी के मामलों से भी जुड़ा है। इन मामलों को लेकर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस नकली सरकारी दस्तावेज छापने और बांटने वाले सिंडिकेट का पता लगाने के लिए भी जांच आगे बढ़ा रही है।
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