प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

वैश्विक LNG बाजार को लगा बड़ा झटका

होर्मुज संकट से गहरा सकता है वैश्विक ऊर्जा संकट, सर्दियों में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति ठप होने की चेतावनी

होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण 2026-27 की सर्दियों में वैश्विक एलएनजी आपूर्ति 25 बीसीएम तक घट सकती है। आईईए की रिपोर्ट में ऊर्जा संकट गहराने की चेतावनी दी गई है।

होर्मुज संकट से गहरा सकता है वैश्विक ऊर्जा संकट सर्दियों में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति ठप होने की चेतावनी

Representative Image (File Photo) |

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की एक ताजा रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए होने वाले व्यापारिक प्रवाह में आई रुकावटों के कारण 2026-27 के सर्दियों के हीटिंग सीजन के दौरान वैश्विक प्राकृतिक गैस की आपूर्ति और अधिक प्रभावित हो सकती है। फारस की खाड़ी में बने इस संकट से अंतरराष्ट्रीय लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) बाजार को एक अभूतपूर्व 'सप्लाई शॉक' का सामना करना पड़ रहा है।

कतर और यूएई से आपूर्ति में भारी गिरावट

रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च से अक्टूबर 2026 के बीच कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से एलएनजी की लोडिंग में सालाना आधार पर 60 बिलियन क्यूबिक मीटर (bcm) की बड़ी गिरावट आई है। इसके चलते वैश्विक एलएनजी उत्पादन में 5 प्रतिशत यानी 20 बीसीएम की कमी दर्ज की गई। नए प्रोजेक्ट्स से होने वाली अतिरिक्त सप्लाई फारस की खाड़ी से हुई इस भारी नुकसान की केवल आंशिक भरपाई ही कर सकी है।

अक्टूबर के अंत तक होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला समुद्री परिवहन गंभीर रूप से बाधित रहा। आईईए ने आगाह किया है कि यह गतिरोध आने वाले सर्दियों के महीनों में भी वैश्विक गैस सप्लाई को प्रभावित करता रहेगा।

उत्तरी गोलार्ध में बढ़ेगा संकट

रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से एलएनजी के प्रवाह में आई रुकावट ने 2026/27 की सर्दियों से पहले वैश्विक एलएनजी बाजार के लिए एक अभूतपूर्व अनिश्चितता पैदा कर दी है।

आईईए के अनुसार, भले ही दुनिया भर में नए लिक्विफिकेशन संयंत्रों से आपूर्ति बढ़ रही है, लेकिन यह सप्लाई शॉक उत्तरी गोलार्ध में सर्दियों के दौरान बाजार की स्थितियों को बेहद कठिन बनाए रखेगा। होर्मुज मार्ग से शिपमेंट की बहाली की गति के आधार पर नवंबर से मार्च के बीच वैश्विक एलएनजी आपूर्ति में सालाना आधार पर 10 से 25 बीसीएम तक की गिरावट आ सकती है।

पाइपलाइन गैस की सीमाएं और विकल्प

मौजूदा स्थिति में पाइपलाइन के जरिए गैस की आपूर्ति बढ़ाने की गुंजाइश भी काफी सीमित है। लंबी दूरी की पाइपलाइनें पहले से ही अपनी अधिकतम क्षमता के करीब काम कर रही हैं, जिससे एलएनजी की किल्लत की भरपाई करना उनके लिए संभव नहीं होगा।

इस बीच उत्तर अमेरिकी निर्यातक शीतकालीन सीजन में एलएनजी आपूर्ति बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। इसमें अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में चल रही विस्तार परियोजनाओं का समर्थन मिलेगा। साथ ही पश्चिम अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के नए संयंत्रों से भी अतिरिक्त गैस मिलने की उम्मीद है।

गैर-खाड़ी देशों की आपूर्ति भी नाकाफी

आईईए के अनुमान के मुताबिक, नई एलएनजी परियोजनाओं से सर्दियों में लगभग 18 बीसीएम गैस जुड़ेगी, जबकि मौजूदा सुविधाएं 3 बीसीएम का योगदान दे सकती हैं। इस प्रकार फारस की खाड़ी के बाहर से कुल अतिरिक्त आपूर्ति 20 बीसीएम से अधिक होगी।

हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि फारस की खाड़ी के बाहर नई और पुरानी परियोजनाओं से सर्दियों के दौरान 20 बीसीएम से कुछ अधिक अतिरिक्त आपूर्ति मिल सकती है, लेकिन यह मजबूत वृद्धि भी कतर और संयुक्त अरब अमीरात से गंवाए गए वॉल्यूम की भरपाई के लिए पूरी तरह नाकाफी होगी।

आईईए के दो संभावित भावी परिदृश्य

एजेंसी ने भविष्य की स्थितियों के लिए दो मुख्य परिदृश्य रेखांकित किए हैं:

  • पहला परिदृश्य: यदि जनवरी 2027 में होर्मुज जलडमरूमध्य धीरे-धीरे खुलना शुरू होता है, तो सर्दियों के दौरान वैश्विक एलएनजी आपूर्ति में सालाना आधार पर लगभग 9 बीसीएम (3 प्रतिशत) की गिरावट आएगी।
  • दूसरा परिदृश्य: यदि यह जलमार्ग मार्च 2027 के अंत तक बंद रहता है, तो वैश्विक एलएनजी आपूर्ति में 20 बीसीएम (7 प्रतिशत) की तेज और गंभीर गिरावट देखने को मिल सकती है।

रिपोर्ट के अंत में सावधान किया गया है कि नए प्रोजेक्ट्स के काम में अचानक आने वाली रुकावटों और उत्पादन बढ़ाने में होने वाली देरी से वैश्विक गैस आपूर्ति जोखिम में पड़ सकती है। मध्य पूर्व के इस अनसुलझे तनाव के बीच यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है।
(इनपुट: ANI)

यह भी पढ़ें: होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच ओमान-ईरान की बड़ी पहल

Related to this topic: