Indigo : रायपुर, नई दिल्ली, मुंबई। पायलट और क्रू के सदस्यों की कमी से जूझ रही देश की सबसे बड़ी विमान कंपनी इंडिगो का संकट गहरा गया है।
Indigo : रायपुर, नई दिल्ली, मुंबई। पायलट और क्रू के सदस्यों की कमी से जूझ रही देश की सबसे बड़ी विमान कंपनी इंडिगो का संकट गहरा गया है। कंपनी ने गुरूवार को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, रायपुर सहित करीब 10 एयरपोर्ट पर 550 से अधिक उड़ान प्रभालित हुई है। यात्री 8-10 घंटे एयरपोर्ट पर इंतजार करते रहे। तीन दिन में इंडिगो की 800 उड़ान रद्द हो चुकी है। इस बीच डीजीसीए ने विमान को रद्द करने को गंभीरता से लिया है और स्पष्टीकरण मांगा है।
इस बीच डीजीसीए ने साप्ताहिक विश्राम को लेकर सभी ऑपरेटर को दिये गये अपने निर्देश वापस ले लिया है। नए नोटिफिकेशन के अनुसार, विमानन नियामक डीजीसीए ने इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान के बीच कई विमानन कंपनियों को उड़ान शुल्क मापदंड में ढील दी है। नियामक ने पायलटों के लिए छुट्टी की जगह साप्ताहिक विश्राम अवकाश की अनुमति दी है।
इंडिगो ने गुरुवार को पिछले दो दिन से अपने नेटवर्क और संचालन में गड़बडी को लेकर ग्राहकों और हितधारकों से झमा मांगी है। कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा- रोज 3.8 लाख यात्रयों को सेवा देते हैं और चाहते हैं कि सभी को अच्छा अनुभव मिले। पर हम ऐसा नहीं कर पाए, इसमें वक्त लगेगा। इधर, सरकार ने कहा-इंडिगो ने हालात को नियंत्रण में नहीं किया। साथ ही कंपनी के अफसरों पर नराजगी जताई है।
कहा, पर्याप्त समय के बाद भी हालात नहीं संभाले गये। अब डीजीसीए कंपनी के विमानों की उड़ान की रियल टाइम निगरानी करेगा। इस बीच कंपनी ने बैठक की, उसमें माना गया कि एफडीटीएल के दूसरे चरण को लागू करने में अनुमान और प्लानिंग गलत रही। क्या है एफडीटीएल नियम - यह नया नियम है। इसे तीन चरण में लागू किया गया है। पहला चरण जुलाई में और दूसरा औऱ तीसरा चरण 1 नवंबर से लागू है। इसमें पायलट औऱ क्रू के आराम पर ध्यान दिया गया है।
उनका साप्ताहिक विश्राम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है। रात में लैंडिंग सीमा 6 से घटाकर 2 की गई है। साथ ही नाइट के परिभाषा 1 घंटे बढ़ाया गया है। इससे इंडिगो का कई सेक्टर में टाइम शिड्यूल बिगड़ा और कई क्रू सदस्य छुट्टी पर चले गये। मालूम हो कि इंडिगो के पास 434 विमान है औऱ रोज 2300 उड़ान का संचालन होता है। रात औऱ तड़के सुबह अधिक उड़ान है। कंपनी उच्च विमान उपयोग की रणनीति पर काम कर रही है, इसीलिए नये नियम के तहत पायलट-क्रू की कमी हो रही है। दूसरे विमानन कंपनियों के पास कम विमान हैं और साथ ही पायलट-क्रू अधिक हैं।
क्या है समाधान- कंपनी ने डीजीसीए नियमों में अस्थायी छूट मांगी है।
कंपनी क्रू की भर्ती और ट्रेनिंग का रौडमैप तैयार करेगी औऱ बताएगी। रोस्टर रीस्ट्रक्चरिंग और सेफ्टी असेसमेंट की नई योजना बनाएगी। इसके बाद डीजीसीए को प्रत्येक 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट भी देगी। कंपनी पर क्या असर पड़ेगा- इसकी पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन है, उसकी मार्केट वैल्यू 2.28 लाख करोड़ रुपये है। गुरुवार को बीएसई पर इंडिगो का शेयर 3.6 फीसदी से अधिक लुढ़का।
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