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बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी

बीमा क्षेत्र में सौ फीसदी विदेशी निवेश को लेकर अधिसूचना जारी

केन्द्र सरकार ने बीमा क्षेत्र में विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए इस क्षेत्र में शत-प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

बीमा क्षेत्र में सौ फीसदी विदेशी निवेश को लेकर अधिसूचना जारी

India Opens Insurance Sector to 100% FDI |

नई दिल्ली। केन्द्र की मोदी सरकार ने बीमा क्षेत्र में विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए इस क्षेत्र में शत-प्रतिशत (100%) प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। हालांकि जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के लिए यह सीमा 20 प्रतिशत होगी।

प्रतिस्पर्धा और तकनीक बढ़ाने की दिशा में कदम

केन्द्र सरकार का यह कदम बीमा क्षेत्र में विदेशी पूंजी को बढ़ावा देना और आम आदमी तक बीमा की पहुंच को बढ़ाना है। यह बदलाव संसद में दिसंबर 2025 में पारित 'सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) अधिनियम, 2025' का हिस्सा है, जो अब मई 2026 से पूर्ण रूप से लागू हो गया है। नीति निर्माताओं का मानना है कि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से बीमा प्रीमियम कम होंगे और सेवाएं बेहतर होंगी। साथ ही विदेशी कंपनियों के आने से आधुनिक डिजिटल तकनीकों और उत्पादों के विकास में मदद मिलेगी।

ऑटोमैटिक रूट से मिलेगा 100% विदेशी निवेश का रास्ता

वित्त मंत्रालय द्वारा 2 मई 2026 को जारी अधिसूचना के तहत, अब विदेशी निवेशक ऑटोमैटिक रूट के जरिए भारतीय बीमा कंपनियों में 100% तक हिस्सेदारी हासिल कर सकते हैं। नोटिफिकेशन के अनुसार, स्वचालित मार्ग के तहत बीमा कंपनियों और ब्रोकरों सहित मध्यस्थों में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति दी जाएगी। अब विदेशी कंपनियां जनरल, स्वास्थ्य और जीवन बीमा क्षेत्र की भारतीय बीमा कंपनियों में 100% मालिकाना हक हासिल कर सकेंगी। हालांकि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को इससे अलग रखा गया है। एलआईसी के लिए FDI की सीमा 20% ही रहेगी।

विदेशी निवेश के लिए आसान हुआ रास्ता

विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने के लिए सरकार ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमों में संशोधन किया है। संसद ने दिसंबर 2025 में सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानूनों का संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित किया, जिससे बीमा क्षेत्र में एफडीआइई की सीमा को बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ था। इसके साथ वित्त मंत्रालय ने 10 प्रतिशत चीनी हिस्सेदारी वाली विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश की मंजूरी देने संबंधी अधिसूचना भी जारी कर दी है।

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