मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित लड़ली लक्षमी योजना बेटियों के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने, लिंगानुपात में सुधार करने और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।
भोपाल (एमपी)। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित लड़ली लक्षमी योजना बेटियों के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने, लिंगानुपात में सुधार करने और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर 21 वर्ष की आयु तक कुल ₹1,43,000 का आश्वासन प्रमाण-पत्र दिया जाता है।
भुगतान इन चरणों में
कक्षा 6 में प्रवेश पर ₹2,000, कक्षा 9 में प्रवेश पर ₹4,000, कक्षा 11 में प्रवेश पर ₹6,000, कक्षा 12 में प्रवेश पर ₹6,000, उच्च शिक्षा के लिए स्नातक या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दो किश्तों में दी जाती है। अंतिम भुगतान (₹1 लाख) तब मिलता है जब बेटी 21 वर्ष की हो जाती है। 12वीं की परीक्षा में शामिल हो चुकी हो और उसकी शादी 18 वर्ष से पहले न हुई हो।
पात्रता की यह है शर्तें
माता-पिता मध्य प्रदेश के स्थायी निवासी होने चाहिए। बेटी का जन्म 1 जनवरी 2006 या उसके बाद हुआ हो और वह स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकृत हो। परिवार आयकर दाता (Income Taxpayer) नहीं होना चाहिए। माता-पिता ने दूसरी संतान के जन्म के बाद परिवार नियोजन (नसबंदी) अपना लिया हो।
ऐसे करें आवेदन
इस योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक पोर्टल ladlilaxmi.mp.gov.in पर जाकर 'आवेदन करें' लिंक पर क्लिक करें। ऑफलाइन माध्यम में आप अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, लोक सेवा केंद्र (CSC), या महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज
बेटी का समग्र आईडी (Samagra ID) और परिवार आईडी।माता-पिता के साथ बेटी की फोटो। जन्म प्रमाण पत्र। निवास प्रमाण पत्र आवश्यक है। आवेदन बेटी के जन्म के एक वर्ष के भीतर करना अनिवार्य है। विशेष परिस्थितियों में जिला कलेक्टर के माध्यम से अपील की जा सकती है।
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