भारत ने अफगानिस्तान संबंधों पर पाकिस्तान की आलोचना खारिज की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां इस्लामाबाद की असुरक्षा और हताशा दिखाती हैं।
नई दिल्ली [भारत]: भारत ने अफगानिस्तान के साथ अपने संबंधों को लेकर पाकिस्तान की आलोचना को खारिज करते हुए कहा है कि ऐसी टिप्पणियां भारत-अफगानिस्तान संबंधों की सकारात्मक प्रगति को लेकर इस्लामाबाद की “असुरक्षा और हताशा” को दर्शाती हैं।
पाकिस्तान के बयान पर विदेश मंत्रालय का जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित द्विसाप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल अहमद चौधरी की भारत-अफगानिस्तान संबंधों को लेकर की गई टिप्पणियों पर जायसवाल ने कहा कि इस तरह के बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते सकारात्मक संबंधों को लेकर पाकिस्तान की चिंता को दिखाते हैं।
भारत-अफगानिस्तान संबंधों में बढ़ी नजदीकियां
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। हाल ही में अफगानिस्तान के कृषि मंत्री मौलवी अत्ताउल्लाह उमरी की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग को लेकर चर्चा तेज हुई थी। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अफगान मंत्री ने भारत-अफगानिस्तान के रिश्तों की मजबूती पर जोर देते हुए दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख किया था।
सिंधु जल संधि पर भारत का रुख कायम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सिंधु जल संधि को लेकर भी भारत का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि यह समझौता तब तक स्थगित रहेगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और विश्वसनीय तरीके से समाप्त नहीं करता। उन्होंने कहा, “यह संधि स्थगित है और तब तक स्थगित रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन पूरी तरह से और विश्वसनीय रूप से बंद नहीं कर देता।”
आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की सख्ती
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा के लेख का जिक्र करते हुए जायसवाल ने कहा कि सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला पाकिस्तान के व्यवहार के कारण लिया गया है। भारत ने पहले भी कहा है कि यदि पाकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों में सुधार चाहता है तो उसे अपनी जमीन से संचालित आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी होगी।
ANI
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